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मोदी पर हमले से बिगड़ सकता है सांप्रदायिक माहौल
गुंजन कुमार/नई दिल्ली
Updated Tue, 05 Nov 2013 08:31 AM IST
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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की सुरक्षा सिर्फ उनकी जान के लिए ही नहीं, बल्कि देश का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।
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खुफिया एजेंसियों को गंभीर आशंका है कि अगर आतंकी मोदी को छूने में भी कामयाब हो जाते हैं तो देश में व्याप्त संवेदनशील सांप्रदायिक माहौल बेकाबू हो जाएगा।
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पटना की मोदी की हुंकार रैली में हुए सीरियल बम धमाकों के बाद मोदी की सुरक्षा की उच्चस्तरीय समीक्षा में यह बातें सामने आई है।
खुफिया एजेंसी आईबी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक मोदी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित होते ही उनकी सुरक्षा बढ़ाए जाने के पीछे यही वजह थी।
लेकिन पटना धमाकों के बाद यह साफ हो गया कि मोदी की जान के खतरे का अंदेशा सिर्फ अंदाजे की बात नहीं बल्कि असली है।
खुफिया की दुनिया में इसे रियल थ्रेट कहते हैं। आईबी के पाकिस्तान डेस्क की ओर से सरकार को दी गई अंदरूनी रिपोर्ट के मुताबिक मोदी की सुरक्षा केंद्र व राज्य सरकार के साथ पुलिस और एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
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एजेंसी ने सरकार को आगाह किया है कि मोदी की सुरक्षा का संबंध सिर्फ उनकी जान से नहीं बल्कि देश के सांप्रदायिक माहौल को काबू में रखने के लिए भी जरूरी है।
सूत्रों ने बताया कि पिछले साल भर से संवेदनशील इलाकों में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण ने तीखा रुख अख्तियार कर रखा है।
सूत्रों के मुताबिक इसी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर दंगे को भी लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा है।
सांप्रदायिकता की राजनीति करने वाले आम लोगों के दिमाग में यह बात भर रहे हैं कि वोट बैंक की राजनीति के चलते राजनीतिक नेतृत्व के इशारे पर पुलिस और प्रशासन अल्पसंख्यकों को खुला छोड़ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, मुजफ्फरनगर दंगे के फैलने में यह मानसिकता काफी हद तक जिम्मेदार है।
इसी तरह देश के कई हिस्सों में माहौल संवेदनशील बना हुआ है। एजेंसियों को अंदेशा है कि ऐसे हालात में आतंकी अगर मोदी पर सीधा हमला करने में कामयाब हो गए तो राष्ट्रवाद के नाम पर लोगों को भड़काना काफी आसान हो जाएगा।
उधर, पाकिस्तान डेस्क पाक समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा और आईएसआई के नए संभावित पैंतरे को भी भांप रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, भारत विरोधी पाकिस्तानी तंत्र चुनावी माहौल के इस नाजुक हालात को भुनाने की पूरी कोशिश में है। वह इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) को और ताकत देने की जुगत में लगा है।
आईबी ने यह आशंका भी जताई है कि मोदी पर हमले के लिए आईएम के साथ अंडरवर्ल्ड की मदद भी ली जा सकती है। माना जा रहा है इसीलिए मोदी की अगली रैलियों के लिए पंजाब और उत्तरप्रदेश सरकार को विशेष सुरक्षा अलर्ट भेजा गया है।