पीएम मोदी की सलाह नहीं मानते उन्हीं के लोग, क्यों?
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प्रधानमंत्री मोदी के जाति की राजनीति से ऊपर उठने की सलाह के महज एक दिन बाद ही उनकी अपनी ही पार्टी के नेताओं ने उसे दरकिनार कर दिया है।
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर भाजपा नेता जाति के आधार पर बुलाई गई बैठकों में हिस्सा लेने में व्यस्त रहे।
शनिवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी, नंद किशोर यादव, राज्य पार्टी प्रमुख मंगल पांडेय गोस्वामी समुदाय के समारोह में शामिल हुए।
सोमवार से शुरू हो रहे पार्टी के ऑनलाइन सदस्यता अभियान के सदस्यता फॉर्म में जाति का कॉलम भी रखा गया है।
मोदी ने दी थी सलाह
मोदी ने शुक्रवार को दिनकर के पत्र का उल्लेख करते हुए कहा था कि ‘आप किसी एक या दो जाति की मदद से शासन नहीं कर सकते हो... यदि तुम जाति की राजनीति से ऊपर नहीं उठे तो बिहार का सामाजिक विकास प्रभावित होगा।’
सदस्यता फॉर्म में जाति के कॉलम पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि नए सदस्य के विस्तृत विवरण के लिए यह पहले से ही चलता आ रहा है। जातीय बैठक में शामिल होने पर भाजपा नेता पांडेय ने कहा कि हमारे किसी सदस्य ने कोई जातीय समारोह आयोजित नहीं किया है।
हाल ही में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी राजा अशोक के सम्मान में प्रशंसा भाषण दिया था। इस कार्यक्रम के आयोजकों का दावा था कि वे ओबीसी कुशवाहा समुदाय से संबंधित हैं।