मोदी ने ढूंढ़ा रानी लक्ष्मीबाई का ऑस्ट्रेलियाई कनेक्शन!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के शहर मेलबर्न पहुंचे। इससे पहले पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में संयुक्त संसद को संबोधित किया।
संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने दुनिया में मौजूद आतंवाद और उसे बढ़ावा वाले देशों को अलग-थलग करने के लिए व्यापक रणनीति बनाने आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'आतंकवाद हम सबके लिए एक बड़ा खतरा है और भारत इसका पिछले तीन दशक से इसका सामना कर रहा है। आतंकवाद अपना चरित्र बदल रहा है और अपनी पहुंच में भी विस्तार करता जा रहा है।'
अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा से दोनों देशों को और ज्यादा जोड़ने के लिए मोदी ने प्रधानमंत्री टोनी एबट को कुछ खास तोहफे भी भेंट किए।
रानी लक्ष्मीबाई के वकील थे जॉन लेंग
प्रधानमंत्री मोदी ने आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री को वहां के मशहूर लेखक और वकील जॉन लेंग की कुछ यादगार तस्वीरें भेंट की। जॉन लेंग काफी समय तक भारत में रहे थे और यहां पर वकालत करते हुए मशहूर हस्तियों के केस लड़े थे।
गौरतलब है कि जॉन लेंग झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का केस भी ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ लड़ा था। वह मेरठ में काफी समय तक रहे और पत्रकारिता भी की थी।
मोदी केनबरा जाने से पहले सोमवार को सिडनी के बाद ब्रिसबेन पहुंचे और यहां के कारोबारियों से मुलाकात के दौरान कहा कि भारत में व्यापार के लिए माहौल अनुकूल है और आप भारत में फर्क महसूस करेंगे।
क्वींसलैंड के प्रधानमंत्री कैंपबेल न्यूमैन की तरफ से आयोजित इस मुलाकात में मोदी ने कहा कि क्वींसलैंड भारत में ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र के विकास में अहम साझीदार बन सकता है।
मेक इन इंडिया का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार के इस मिशन का मकसद भारत में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। इसके अलावा मोदी ने भारत में 100 स्मार्ट सिटी, 50 मेट्रो प्रोजेक्ट और 500 शहरों में आधुनिक कचरा प्रबंधन योजनाओं के साथ ही सबके लिए स्वास्थ्य, आवास और बिजली पहुंचाने के लक्ष्य के बारे में भी बात की।