अमेरिका में मोदी करेंगे वो, जो 10 साल में नहीं हुआ
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अपने अमेरिकी दौरे के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फलाहार पर ही रहेंगे। दरअसल, उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब नवरात्र शुरू होने वाला है। बरसों से नवरात्र में व्रत रखने वाले मोदी दौरे के बावजूद सिर्फ फलाहार और नींबू पानी पर रहेंगे।
मोदी को उनके वाशिंगटन दौरे के वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के गेस्ट हाउस में ठहराया जाएगा। मोदी एक दशक बाद भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री होंगे, जो 190 साल पुराने ब्लेयर हाउस में 29 सितंबर को ठहरेंगे।
इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को यहां ठहराया गया था। जबकि अमेरिका का कई बार दौरा करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस गेस्ट हाउस में साल 2005 को छोड़कर कभी नहीं ठहरे थे।
वह अमेरिकी दौरों के वक्त वहां के एक होटल में ठहरते थे। ब्लेयर हाउस अमेरिकी राष्ट्रपति के खास सरकारी मेहमानों के लिए अधिकृत किया गया है, जहां विदेशी राष्ट्रों के प्रमुखों को ठहराया जाता है।
ये है अमेरिका में मोदी का पूरा कार्यक्रम
पेनसिलवेनिया एवेन्यू पर ह्वाइट हाउस के सामने स्थित ब्लेयर हाउस को अमेरिकी सरकार ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दिनों में खरीदा था। वहीं, 26 सितंबर को जब मोदी अमेरिकी दौरे पर न्यूयॉर्क पहुंचेंगे तो वह मनमोहन सिंह की तरह ही मैनहट्टन स्थित न्यूयॉर्क पैलेस होटल में ठहरेंगे।
मोदी की वहां की जनता से मुलाकात का कार्यक्रम 27 सितंबर को ग्राउंड जीरो पर होगा। यह वह स्थान है जहां वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित है, जिस पर आतंकी संगठन अल कायदा ने 2001 में आतंकी हमला किया था।
इसके बाद मोदी 9/11 मेमोरियल म्यूजियम भी जाएंगे, जिसे 2001 के आतंकी हमलों में मारे गए लोगों की याद में बनाया गया है। इसके बाद मोदी संयुक्त राष्ट्र जाएंगे, जहां वह महासभा को संबोधित करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री अपने बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना समेत कई द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। जबकि उसी दिन शाम को मोदी के सेंट्रल पार्क जाने का कार्यक्रम है, जहां वह ग्लोबल सिटिजन फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे।
गांधी, लिंकन और मार्टिन लूथर किंग को देंगे श्रद्धांजलि
यह गेस्ट हाउस 1824 में निजी इस्तेमाल के लिए बनाया गया था। पिछले 190 साल में ब्लेयर हाउस ने अमेरिकी राजनीति, कूटनीति और सांस्कृतिक इतिहास में अहम भूमिका निभाई है।
यह हाउस एंड्रयू जैक्सन की किचन कैबिनेट से लेकर अब्राहम लिंकन की निजी बातचीत और द्वितीय विश्वयुद्ध के आखिरी और शीतयुद्ध के शुरुआती दिनों में हैरी एस ट्रूमैन के मुश्किल नेतृत्व का गवाह रहा है। अब मौजूदा राष्ट्रपति बराक ओबामा भी ब्लेयर हाउस को अपनी अहम विदेश नीति के लिए इसका इस्तेमाल करते रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाशिंगटन में गांधी प्रतिमा, ऐतिहासिक लिंकन मेमोरियल और हाल ही में बने मार्टिन लूथर किंग जूनियर मेमोरियल का दौरा भी करेंगे। जहां वह इन शख्सीयतों को अपनी श्रद्धांजलि देंगे। गांधी प्रतिमा वाशिंगटन में भारतीय दूतावास के सामने है।