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मोदी ने नहीं सुनी अपने ही मंत्रियों की फरियाद

Wed, 09 Jul 2014 08:32 AM IST
Updated Wed, 09 Jul 2014 08:32 AM IST
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narendra modi rejected demands of cabinet ministers

केंद्रीय मंत्रियों को निजी सचिवों की नियुक्ति में छूट देते हुए अपनी पसंद का पीएस और पीए रखने की मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर से ठुकरा दिया है।

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गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम केंद्रीय मंत्रियों की मांग को दरकिनार करते हुए कार्मिक विभाग ने अपने नए आदेश में यह जरूर कहा है कि मंत्री चाहें तो अपनी पसंद का ड्राइवर, चपरासी और अटेंडेंट रख सकते हैं। मगर पिछले दस साल में किसी मंत्री के पास रहे निजी सचिव रहे अधिकारी को रखा नहीं जा सकता है।
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राजनाथ सिंह समेत तमाम केंद्रीय मंत्रियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय से इस संबंध में बनाए नए नियम में छूट देने की मांग की थी।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जरिए भी कई मंत्रियों ने प्रधानमंत्री पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। मगर मोदी सरकार के नए आदेश में भी मंत्रियों को कोई राहत नहीं दी है।

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पसंद का ड्राइवर और चपरासी रख सकते हैं

narendra modi rejected demands of cabinet ministers

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से 8 जुलाई को जारी आदेश में कहा गया है कि 19 जून को जारी आदेश में कुछ ढील दी गई है। फिर कहा गया है कि निजी सचिव रखने के मामले में नियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले दस साल में रहे निजी सचिव पर रोक जारी रहेगी।

आदेश में कहा गया है कि ये रोक लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता पर लागू नहीं होगी। वे पुरानी सरकारों मेंमंत्रियों के रहे निजी सचिव को रख सकते हैं।

आदेश में बाद में कहा गया है कि ये रोक श्रेणी तीन और चार के कर्मचारी यानी ड्राइवर, चपरासी और अटेंडेंट पर लागू नहीं होगी यानी मंत्री अपनी पसंद का ड्राइवर, चपरासी और अटेंडेंट रख सकते हैं।

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