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'न आंख दिखाएंगे, न झुकाएंगे'

Sun, 15 Jun 2014 08:27 AM IST
Updated Sun, 15 Jun 2014 08:27 AM IST
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Narendra modi reached on submarine ins vikramaditya

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नौसेना के सबसे बड़े युद्धपोत आईएनएस विक्रमादित्य को देश को सौंप दिया। इस अवसर मजबूत भारत की परिकल्पना को स्पष्ट करते हुए कहा कि हम न किसी को आंख दिखाएंगे, न आंख झुकाएंगे बल्कि दुनिया से आंख से आंख मिलाकर बात करेंगे।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति तथा उसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सुरक्षित भारत पहली जरूरत है। उन्होंने कहा कि मजबूत भारत न किसी से डरेगा और न किसी को डराएगा। वह सभी देशों के साथ समानता के आधार पर संबंध बनाएगा।
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नौसैन‌िकों का बढ़ाया उत्साह

Narendra modi reached on submarine ins vikramaditya

उन्होंने नौसैनिकों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि विक्रमादित्य जिसके नाम के साथ सूर्य जैसी तेजस्विता जुड़ी है, आप सबके जीवन में भी सूर्य की प्रखरता आए और विजयी होने का विश्वास पैदा हो।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वादे नहीं बल्कि इरादे लेकर आई है और देश के जवानों की मन की इच्छा पूरी करते हुए जल्द ही राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का निर्माण किया जाएगा।

साथ ही कहा कि उनकी सरकार वन रैंक वन पेंशन स्कीम को जल्द लागू करेगी। मोदी ने कहा कि देश की सुरक्षा उनकी सरकार की टॉप प्राथमिकता पर है।

भारी बार‌िश और तेज हवाओं में डटे रहे

Narendra modi reached on submarine ins vikramaditya

भारी बारिश और तेज हवाओं का डटकर मुकाबला करते हुए प्रधानमंत्री ने विक्रमादित्य के फ्लाइट डैक पर खडे़ होकर नौसेना की वायु शक्ति और समुद्र में करीब 14 जंगी पोतों को अपने सामने से गुजरते देखा।

इनमें देश का दूसरा विमान वाहक पोत आईएनएस विराट और हाल ही में नौसेना के बेडे़ में शामिल हुए तलवार क्लास के जंगी पोत शामिल थे। प्रधानमंत्री करीब 4 घंटे तक आईएनएस विक्रमादित्य पर रहे।

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रक्षा उपकरणों पर निर्भरता कम की जाएगी

Narendra modi reached on submarine ins vikramaditya

प्रधानमंत्री मोदी ने नौसैनिकों से कहा कि उनकी सरकार अत्याधुनिक तकनीक और युद्ध के साजो सामान से सैन्य बलों को सुसज्जित करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी हथियारों पर भारत की निर्भरता लगातार कम करने का प्रयास करेगी और देश में ही सैन्य उपकरणों के उत्पादन पर खास ध्यान दिया जाएगा।

कहा कि अगर भारत विश्व के छोटे-छोटे देशों को अपने यहां उत्पादित साजो सामान का निर्यात करेगा तो देश एक ताकत बनकर उभरेगा।

अटल सरकार में हुआ था करार

Narendra modi reached on submarine ins vikramaditya
आईएनएस विक्रमादित्य के लिए अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के कार्यकाल के दौरान 2004 में रूस से करार हुआ था। यह संयोग ही है कि अब यह युद्धपोत एनडीए के शासन में ही मोदी के हाथों समर्पित हो रहा है।


विक्रमादित्य के शामिल होने से बड़ी भारत की ताकत

Narendra modi reached on submarine ins vikramaditya

आईएनएस विक्रमादित्य के नौसेना में शामिल होने से समुद्र में मारक क्षमता 500 किलोमीटर दूर तक होने का अनुमान है। अब भारत उन तीन चार देशों में शामिल हो गया है, जिसके पास इतने ज्यादा ताकतवर दो विमानवाहक युद्धपोत हैं।

यह समुद्र में 30 विमानों को ढो सकने में सक्षम है। इसकी विस्थापन क्षमता 45 हजार टन है और इस पर 15 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। विमानवाहक पोत की लंबाई करीब 284 मीटर है। यह 20 मंजिला ऊंचा है।

इसमें 22 डैक हैं और 1600 नौसेना कर्मी सवार हो सकते हैं।

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