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मोदी के नामांकन में भद्रा का संकट काटेगा 'विजय काल'

Thu, 24 Apr 2014 12:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 24 Apr 2014 12:48 PM IST
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narendra modi nomination in varanasi

भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के यहां की संसदीय सीट से नामांकन में भद्रा का संकट होने के बावजूद शुभ योग भी मिले हैं। गुरुवार को भद्रा के दौर में ही ‘विजय काल’ भी शुरू होगा।

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यह विजय काल अभिजीत मुहूर्त में दोपहर के वक्त मिलेगा। इसके अलावा, पूर्णातिथि के चलते सिद्धि योग भी बनेगा। काशी के ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अगर ऐसे सुयोगों में नामांकन यात्रा शुरू करें तो भद्रा का दोष तो टलेगा ही, विजय की राह भी आसान होगी।
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इस बीच, भाजपा ने मोदी का नामांकन अभिजीत मुहूर्त में ठीक 12 बजे कराने का फैसला किया है।

भद्रा के बावजूद 24 अप्रैल को कई सुयोग

narendra modi nomination in varanasi

काशी में 24 अप्रैल को मोदी नामांकन करेंगे। पंचांग के मुताबिक गुरुवार की सुबह 8:35 से रात 7:24 तक भद्रा लगा रहेगा। बावजूद इसके इस दौरान कई सुयोग भी मिल रहे हैं। महावीर पंचांग के संपादक पं. रामेश्वर ओझा के मुताबिक दोपहर 11:36 से 12:24 तक अभिजीत मुहूर्त मिलेगा।

इस दौरान विजय काल भी है। विजय काल में नामांकन के लिए प्रस्थान करना सर्वाधिक उपयुक्त होगा। इसके अलावा, गुरौ पूर्णा सिद्धियोग: के सिद्धांत के अनुसार गुरुवार को दशमी पूर्णा तिथि है और ऐसे में सिद्धि योग भी बन रहा है। राहुकाल दोपहर बाद 3 बजे खत्म हो रहा है।

ज्योतिषियों की राय है कि मोदी अगर इस अवधि के बाद परचा दाखिल करें तो भद्रा के दोष से बचा जा सकेगा।

भद्रा पर भगवान की शरण में भाजपा

narendra modi nomination in varanasi
बैसाख शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि यानी गुरुवार को भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के यहां की संसदीय सीट से नामांकन के दिन भद्रा ने पार्टी रणनीतिकारों की उलझन बढ़ा दी है। बुधवार को भद्रा निवारण पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भगवान की शरण ली।

देर शाम नर्मदेश्वर विश्वनाथ मंदिर में ‘ईश्वर कृपा’ महायज्ञ में आहुति दी गई, ताकि भद्रा के दोष से उबरा जा सके। इससे पहले सिद्धि विनायक और साक्षी विनायक मंदिरों में भी भद्रा निवारण के लिए पूजा हो चुकी है। यह अनुष्ठान एकता ज्योतिष केंद्र और मोदी फायर ब्रांड राष्ट्रीय मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

गुरुधाम चौराहा स्थित नर्मदेश्वर विश्वनाथ मंदिर में ईश्वर कृपा महायज्ञ शाम पांच बजे से शुरू हुआ। ज्योतिषाचार्य अशोक झा के आचार्यत्व में 24 अप्रैल की कुंडली बनाकर सर्वबाधा निवारण के लिए आहुति दी गई। वैदिक आचार्यों का कहना था कि सुबह से देर शाम तक भद्राकाल होने की वजह से इस दोष का निवारण अब ईश्वर की कृपा से होगा। धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर तक रहेगा, इसके बाद सतभिखा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। दोष निवारण के लिए नर्वदेश्वर विश्वनाथ का सविधि रुद्राभिषेक किया गया।
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