पढ़िए, मोदी ने भगवान पशुपतिनाथ से क्या मांगा?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी नेपाल यात्रा के अंतिम दिन 1500 साल पुराने पशुपतिनाथ मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। मोदी सवेरे साढ़ नौ बजे मंदिर पहुंचे और करीब एक घंटे तक पूजा अर्चना की।
पूजा-अर्चना में 21 ब्राह्मणों ने मंत्रों का जाप किया और मोदी की दीर्घ आयु और सफलता के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर मंदिर के प्रमुख पुजारी गणेश भट्ट ने मोदी को पूजा कराने के बाद प्रसाद दिया।
पूजा के बाद मोदी ने मंदिर की आगंतुक-पुस्तिक (विजिटर बुक) में अपनी मनोकामना भी लिखी। पढ़िए, मोदी ने पशुपतिनाथ से क्या मांगा-
पढ़िए, मोदी ने पशुपतिनाथ से क्या मांगा
पशुपतिनाथ के दर्शन के बाद मोदी ने आगंतुक पुस्तिका में अपनी मनोकामना लिखी। उन्होंने पशुपतिनाथ से भारत और नेपाल के निवासियों की कल्याण की कामना की।
मोदी ने लिखा, 'बागमती के तट पर स्थित पशुपतिनाथ का यह मंदिर आस्था और विश्वास का अद्वितीय केंद्र है। स्कंद पुराण के हिमवत खंड में कहा गया है कि काशी विश्वनाथ और पशुपतिनाथ एक ही रूप हैं। श्रावण मास, शुक्लपक्ष, अष्टमी को इस पावन तिथि में यहां आकर मैं भाव विभोर महसूस कर रहा हूं। नेपाल और भारत को जोड़ने वाली पशुपतिनाथ कृपा दोनों देशों के जनमानस पर बनी रहे। यही मेरे कामना है।'
मोदी ने शिव लिंग को पंचामृत स्नान कराया
पूजा के बाद मंदिर के पुजारी गणेश भट्ट ने मोदी को प्रसाद दिया। भट्ट दक्षिण भारतीय है। इस मंदिर में चार पुजारी है सदियों से इसका प्रमुख पुजारी दक्षिण भारत का ही रहा है।
मोदी ने शिव लिंग को पंचामृत स्नान कराया और चंदन भेंट की। हिंदू मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में सोमवार का दिन अत्यंत पावन माना जाता है और मोदी ने पूजा अर्चना के लिए यही दिन चुना था।