{"_id":"5b7831fa-eb26-11e2-9772-d4ae52bc57c2","slug":"narendra-modi-nationalist-hindu-card","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी के राष्ट्रवादी हिंदू कार्ड ने मचाई सियासी हलचल","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
मोदी के राष्ट्रवादी हिंदू कार्ड ने मचाई सियासी हलचल
नई दिल्ली/संजय मिश्र
Updated Sat, 13 Jul 2013 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंदू राष्ट्रवादी कार्ड ने विरोधियों के सियासी खेमे में हड़कंप मचा दिया है। मोदी के विकास के मुद्दे में हिंदुत्व की छौंक ने मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण के सहारे चुनावी नैया पार करने की मंसूबा पालने वाली कांग्रेस की मुश्किलें भी बढ़ा दी है।
विज्ञापन
यही कारण है कि अब तक अपरोक्ष रूप से मोदी को घेरने की रणनीति पर चलने वाली कांग्रेस को शुक्रवार को मोदी पर चौतरफा और सीधा हमला बोलना पड़ गया।
मोदी ने खुद को हिंदू राष्ट्रवादी और देशभक्त बता कर सीधे हिंदू कार्ड खेल दिया है, ऐसे में कांग्रेस के सामने मोदी के खिलाफ नई रणनीति का तानाबाना बुनने की चुनौती आ खड़ी हुई है।
विज्ञापन
दरअसल कांग्रेस के रणनीतिकारों को लगता था कि भाजपा का नया चेहरा बनाए गए मोदी गुजरात दंगे के संदर्भ में सफाई देते रहेंगे और पार्टी इस बहाने उन पर हमला कर मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण में कामयाब हो जाएगी।
विज्ञापन
मोदी ने भी शुरू में महज विकास की बात कर कांग्रेस की रणनीति के अनुरूप कदम आगे बढ़ाए थे। मगर जद-यू के राजग से नाता तोड़ने के बाद मोदी ने अचानक अपनी रणनीति बदल ली है। उन्होंने हिंदू और राष्ट्रवाद दोनों को एक ही रंग में पेश कर कांग्रेस की परेशानी बढ़ा दी है।
हालांकि इस दौरान मोदी ने अपने विकास करने वाले नेता की छवि का भी पूरा ख्याल रखा। साथ ही उन्होंने सोची समझी रणनीति के तहत अपनी हिंदूवादी छवि को और मजबूत कर लिया। इतना ही नहीं, मोदी ने सीधे-सीधे हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण के दांव को सार्वजनिक कर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
धर्मनिरपेक्षता की अपनी परिभाषा में सबसे पहले भारत की बात कहकर भी उन्होंने कांग्रेस को यह संदेश दे दिया है कि वह अल्पसंख्यक मतों के ध्रुवीकरण की उसकी सियासत का जवाब चुनावी मैदान में प्रखर राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाकर देंगे।
कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि मोदी ने खुद को हिंदु राष्ट्रवादी और देशभक्त करार देकर हिंदू वोटों का धुव्रीकरण करने का दांव चल दिया है। इसके बाद अब कांग्रेस के सामने मोदी पर सीधा हमला बोलने के अलावा कोई रास्ता नहीं रह गया है।
कपिल सिब्बल से लेकर सलमान खुर्शीद और अजय माकन से लेकर मीम अफजल ने मोदी पर तत्काल हमला बोलते हुए इसकी शुरुआत भी कर दी है।
उल्लेखनीय है कि 2007 के गुजरात विधानसभा चुनाव में सोनिया गांधी ने मोदी को मौत का सौदागर बताया था। माना जाता है कि इसका कांग्रेस को चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ा था। उसके बाद से अभी तक कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से मोदी पर कोई सीधा हमला नहीं किया गया है।
पार्टी प्रवक्ता मोदी पर किसी घटनाक्रम से जोड़कर वार करते रहे हैं। मोदी जब उत्तराखंड की त्रासदी के वक्त वहां गए तो खबर आई कि उन्होंने 15 हजार गुजरातियों को एक दिन में बचा दिया।
इसके बाद रैंबो नाम से उन पर फब्ती कसी गई। लेकिन अब मोदी ने सीधे हिंदू कार्ड खेल दिया है। ऐसे में कांग्रेस के लिए अपनी रणनीति में बदलाव करना जरूरी हो गया है।
उधर, भाजपा भी मोदी को खुलकर हिंदू कार्ड खेलने देना चाहती है। अभी तक एनडीए में जद-यू के गुस्से को देखते हुए भाजपा मोदी को ऐसा करने से रोक रही थी। लेकिन जदयू के अलग होने से स्थिति बदल चुकी है।
इसीलिए जब शुक्रवार को मोदी के इंटरव्यू पर विरोधी दलों ने प्रहार शुरू किया तो भाजपा पूरी ताकत के साथ अपने चुनावी चेहरे का बचाव किया।