'मोदी सर' की शरारतें सुनकर खूब हंसे बच्चे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों के सामने लंबा चौड़ा और गंभीर भाषण देने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के शरारती सवालों का कुछ ऐसे जवाब दिया कि बच्चे भी लोटपोट हो गए। प्रधानमंत्री बच्चों के साथ बच्चे बन गए।
लेह से एक लड़की ने पूछा कि आप क्या शरारत करते थे? तो मुस्कराते हुए मोदी ने कहा कि जीवन में मस्ती होनी चाहिए। वे भी अपने दोस्तों के साथ खूब शरारत करते थे।
उन्होंने बताया कि शादियों में जो शहनाई बजाते हैं। वह उनके सामने इमली दिखाते। इमली से मुंह में पानी आता है, जिससे वे बजा नहीं पाते थे और उन्हें मारने के लिए दौड़ जाते थे।
फिर उन्होंने बताया कि किसी की शादी होती थी, तो चले जाते थे। वहां जो लोग खड़े होते थे तो पीछे खड़े होकर उनके कपड़ों को स्टैपल लगाकर भाग जाते थे। प्रधानमंत्री ने बच्चों को कहा कि वे कल्पना कर सकते हैं कि वहां क्या होता होगा।
बच्चों को दीं सीख
उन्होंने बच्चों से वादा लिया कि वे कभी ऐसी शरारतें नहीं करेंगे। एक बच्चे ने पूछा कि राजनीति कैसा पेशा है। तो उन्होंने कहा कि राजनीति को पेशा नही समझो। यह सेवा करने का मौका है।
उन्होंने बच्चों को कहा कि वे ठीक ढंग से जीते हैं तो भी देश की सेवा करते हैं। उन्होंने बच्चों को साफ सुथरा और व्यवस्था से रहने की बात भी सिखाई।
उन्होंने उदाहरण दिया कि कुछ बच्चे स्कूल से आते ही स्कूल बैग फेंक देते हैं। फिर मम्मी उठाती है। जबकि कुछ बच्चे स्कूल से आते ही चाहे घर में कितने भी मेहमान बैठे हों, वे सीधा कमरे में जाकर अपना स्कूल बैग ठीक से रखेंगे। जूते ठीक से निकालेंगे और फिर आकर सबको नमस्ते करेंगे।
उन्होंने बच्चों को अपने घर का बिजली का बिल घटाने के लिए कहा। जरूरत में ही लाइट, पंखे और एसी का इस्तेमाल करने के लिए कहा।
मोदी ने कहा कि अगर आप अपने घर की बिजली बचाते हैं तो आप अपनी बिजली का बिल भी कम करते हैं तो साथ ही किसी गरीब के घर पर बिजली का दिया भी जलाते हैं।