मोदी के मन की बात में मुजफ्फरनगर की गरिमा की धूम
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आकाशवाणी पर मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और अफ्रीका के संबंधों पर चर्चा में जैसे ही मुजफ्फरनगर की छात्रा गरिमा गुप्ता की लिखी कविता पढी, तो शहर में गर्व की खुशियां बिखर गई। गरिमा को उनकी रचना पर पीएम की बधाई मिली तो हर कोई शहर की इस होनहार प्रतिभा को जानने के लिए उत्सुक हो गया।
देश भर के 1600 स्कूलों के प्रतिभागियों में कक्षा छह से आठ तक के वर्ग में एसडी पब्लिक स्कूल की विद्यार्थी गरिमा की कविता को पहले स्थान पर चुना गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत-अफ्रीका संबंधों पर देश और दुनिया के बच्चों की बातों की चर्चा की। मोदी ने बताया कि महात्मा गांधी की जन्मभूमि पोरबंदर से बापू स्मृति प्रदर्शनी उत्तरी राज्यों का भ्रमण करते हुए 29 अक्तूबर को दिल्ली पहुंच रही है।
प्रदर्शनी को गांव और शहर में लाखों बच्चों ने देखा। बापू के जीवन का कैसा प्रभाव भारत और अफीका पर रहा, इसको लोगों ने जाना। मोदी ने स्कूलों के बच्चों की व्यापक दृष्टि और गहराई में छिपे दर्शन की प्रशंसा करते हुए देश भर के 1600 स्कूलों की कविता प्रतियोगिता में आई एक रचना की ओर सबका ध्यान खींचा। पीएम ने कहा कि मुजफ्फरनगर की गरिमा गुप्ता ने स्पर्धा में एक कविता लिखी है।
घर में उमंग और उल्लास बिखर गया
मोदी ने गरिमा की रचना-अफ्रीका में नील नदी, सागर नाम है लाल/ महाद्वीप विशाल है, प्रवासी भारतीय खुशहाल, की दस पंक्तियां पढ़ी। रेडियों पर मन की बात कार्यक्रम में शहर के जवाहर कालोनी निवासी छात्रा गरिमा गुप्ता की प्रतिभा को पीएम ने सराहा तो रेडियो पर कान लगाए बैठी छात्रा खुशी में चीख उठी। घर में उमंग और उल्लास बिखर गया।
हर कोई यह जानने को आतुर हो गया कि आखिर मोदी के मन में छाई गरिमा कौन है। एसडी पब्लिक स्कूल की कक्षा सात की यह छात्रा नहीं जानती थी कि मन की बात में पीएम उसकी रचना पढेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूली बच्चों की तीन वर्गो में भारत-अफ्रीका संबंधों पर कविता प्रतियोगिता आयोजित की थी।
कक्षा छह से आठ के वर्ग में गरिमा की रचना को राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार मिला है। गरिमा ने बताया कि शिक्षिका शुची अग्रवाल ने तैयारी को प्रोत्साहित किया। नेट पर कोई विशेष जानकारी नहीं मिली, तब बाबा ओमप्रकाश गुप्ता के संग्रह में से हमारा भूमंडल किताब से मिली जानकारी के बाद अफ्रीका और भारत के रिश्तों पर रचना लिखी। बेटी की उपलब्धि पर पिता आलोक गुप्ता और माता तृप्ति गुप्ता गौरवान्वित हैं। दादी अरुणा गुप्ता और भाई ध्रुव भी फूले नहीं समा रहे हैं।
गरिमा को पुरस्कृत करेंगी सुषमा स्वराज
दिल्ली में 26 से 28 अक्तूबर तक भारत-अफ्रीका संबंधों पर आयोजित समारोह में कविता प्रतियोगिता की विजेता गरिमा गुप्ता को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। 27 अक्तूबर को केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज उन्हें पुरस्कृत करेंगी।
गरिमा के वर्ग में चेन्नई की श्रेया प्रभाकर और पटना बीअंशुमन को दूसरा और तीसरा पुरस्कार मिलेगा। कक्षा नौ से बारह के वर्ग में लखनऊ के रामेश्वरम इंटरनेशनल एकेडमी स्कूल के विकास पांडे की कविता को पहला स्थान मिला है।
गरिमा गुप्ता की पुरस्कृत कविता।
भारत-अफ्रीका देशों में, प्रगाढ़ संबध राजनयिक।
हम दोनों की आजादी, लगभग है सम-सामयिक।।
गांधीजी ने शुरू किया, अफ्रीका से आंदोलन।
ऐसा चलाया जादू सब पर, जीत लिया सबका मन।।
अफ्रीका में नील नदी, सागर का नाम है लाल।
महाद्वीप विशाल है, प्रवासी भारतीय खुशहाल।।
जैसे सिंधु घाटी की सभ्यता, है भारत की पहचान।
नील नदी है और कार्थेज है,अफ्रीकी सभ्यता में महान।।
अफ्रीकी तटों से होकर, वास्को डि गामा भारत आया।
तब यूरोपियों देशों ने अफ्रीकी उपनिवेश बनाया।।
दास बने अफ्रीकी निवासी, ले गए उन्हें अमेरिका।
ब्रिटिश राज में भारत ने भी, समान दृश्य था देखा।।
नाइजर, कांगो, ओरेंज, लिम्पोपो, नदी यहां है नील।
रुडोल्फ अल्बर्ट, विक्टोरिया, न्यासा है अफ्रीकी झील।।
किम्बरले, प्रिटोरिया में है हीरे की खान।
हीरों का पन्ना शहर, है भारत की शान।।
पुरस्कार में मिलेंगे 56 हजार रुपये
राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ कविता के लिए छात्रा गरिमा गुप्ता को 56 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा। संगीत का शौक रखने वाली गरिमा की खुशी मन में नहीं समाई जा रही है। वह बताती है कि उसे पियानो बजाने, चित्रकला और कविता लिखने का शौक है। पीएम से सराहना के बाद बधाईयों का तांता लगा है। गरिमा ने अपनी कविता का यू टयूब पर भी डाउनलोड कर दिया है। सोमवार को एसडी पब्लिक स्कूल में छात्रा के सम्मान में समारोह होगा ।