पर्रिकर, रूडी, नकवी समेत 10-12 बनेंगे मोदी के मंत्री
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महीने भर पुरानी नरेंद्र मोदी सरकार का विस्तार चंद दिनों के भीतर हो सकता है। मंत्रिमंडल को संतुलित और तेजतर्रार बनाने के लिए छूट गए राज्यों, सहयोगी दलों के सदस्यों और टेक्नोक्रेट्स को शामिल किए जाने की संभावना है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार में 10 से 12 सदस्यों को शामिल किया जा सकता है। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने 26 मई को शपथ ली थी।
उस समय मंत्रिमंडल में 45 सदस्यों को शामिल किया गया था, जिसमें 23 कैबिनेट स्तर के, 10 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 12 राज्यमंत्री बनाए गए थे।
महाराष्ट्र, बिहार को मिलेगा अधिक प्रतिनिधित्व
मौजूदा मंत्रिमंडल में कई राज्यों को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। क्षेत्रीय असंतुलन के कारण मोदी सरकार की आलोचना भी होती रही है। भाजपा के कई सहयोगी दल भी मंत्रीमंडल में शामिल किए जाने की आस लगाए बैठे हैं।
भाजपा सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में महाराष्ट्र और बिहार को अधिक प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। महाराष्ट्र में इसी साल के अंत तक और बिहार में अगले साल चुनाव होना है।
मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देकर पार्टी दोनो राज्यों में अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को उत्साहित करना चाह रही है, ताकि चुनावों में मजबूती के साथ उतरा जा सके।
पर्रिकर को भी शामिल किए जाने की संभावना
बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। मंत्रिमंडल में गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को भी शामिल किए जाने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि पर्रिकर कोई महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो सौंपा जा सकता है।
जिन दूसरे नेताओं का नाम चर्चा में है, उनमें वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, राजीव प्रताप रूड़ी और मुख्तार अब्बास नकवी का नाम शामिल है। जोशी को पिछली बार अधिक उम्र होने के कारण मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया था।
पिछले मंत्रिमंडल में 75 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को ही जगह दी गई थी। जोशी उस फैसले से नाराज भी बताए गए थे।
मुंडे की मौत के बाद एक मंत्री का पद खाली
गोपी नाथ मुंडे की मौत के बाद महाराष्ट्र कोटे से एक मंत्री का पद खाली है। मुंडे मोदी सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री थे। फिलहाल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार नीतिन गडकरी के पास है। मुंडे का स्थान भरने के लिए राज्य से ही किसी और भाजपा नेता को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
मोदी सरकार में आरपीआई नेता रामदास अठावले को भी शामिल किया जा सकता है। महाराष्ट्र में वर्ष के अंत तक विधानसभा चुनाव होने है और आरपीआई निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
भाजपा को लोकसभा चुनाव में आरपीआई से गठबंधन का लाभ भी मिला है। विधानसभा चुनाव में भी पार्टी इस गठबंधन का लाभ लेना चाहेगी।
मौजूदा मंत्रिमंडल में 45 मंत्री शामिल हैं
मोदी सरकार के मौजूदा मंत्रिमंडल में 45 मंत्री शामिल हैं, जिनमें 23 कैबिनेट स्तर के, 10 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 12 राज्यमंत्री हैं। मंत्रिमंडल में यूपी को सर्वाधिक महत्व देते हुए 8 मंत्रियों को शामिल किया गया था। इनमें चार कैबिनेट और दो-दो स्वतंत्र प्रभार और राज्य मंत्री हैं।
मंत्रिमंडल में आश्चर्यजनक ढंग से सभी सीटें भाजपा की झोली में डालने वाले राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व नहीं मिला, जबकि सभी सीटें देने वाले राजस्थान के हिस्से भी महज एक राज्य मंत्री का पद आया। पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त कई अन्य राज्यों को मंत्रिमंडल में नुमाइंदगी नहीं मिली।
छह सहयोगियों को भी चाहिए जगह
मंत्रिमंडल में भाजपा की 28 सहयोगियों में से केवल 5 दलों शिवसेना, अकाली दल, लोजपा, आरएलएसपी और टीडीपी को ही प्रतिनिधित्व दिया गया।
आम चुनाव में सीट जीतने वाली पार्टी के अन्य छह सहयोगियों अपना दल, एमडीएमके, नगा पीपुल्स फ्रंट, स्वाभिमानी पक्ष, पीएमके, एनआर कांग्रेस को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है।