फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Narendra Modi Lead in Sansad Like a Boss

'मोदी ने संसद में दादा की तरह लीड किया'

Thu, 03 Mar 2016 05:42 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 03 Mar 2016 05:42 PM IST
विज्ञापन
Narendra Modi Lead in Sansad Like a Boss

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के भाषण पर एक तरफ लोकसभा में अपना धन्यवाद ज्ञापन कर रहे थे।

विज्ञापन


तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया साइट ट्वीटर पर लोग उनके भाषण को लेकर आपस में भिड़े हुए थे। लोगों ने इतने ट्वीट कर दिए कि #NaMoInSansad ट्वीटर पर टॉप ट्रेंड में नंबर वन पर आ गया।

पीएम मोदी के भाषण के समर्थन में और विरोध में लोग तरह-तरह के तर्क दे रहे हैं।

ट्वीटर पर मोदी के अफसरशाही और महिला सांसदों को लेकर दिए गए बयान पर भी सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी के प्रशंसकों ने पसंद किया तो साथ ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी अपने निशाने पर ले लिया।
विज्ञापन


दूसरी तरफ मोदी के विरोधियों ने उनको ईपीएफ, रोहित वेमुला और जेएनयू के मुद्दे पर ही घेरने की कोशिश की।

Namoinsansad
विज्ञापन
विज्ञापन
















ट्वीटर पर नीरज मिश्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'लोकसभा में मोदी, दादा की तरफ टीम को लीड करते हुए, विराट की तरह गुस्से में, द्रविड़ की तरह शानदार और सचिन की तरह क्लास देखने को मिला और ऐसे में पूरे विपक्ष को धोनी की तरह सोचने पर मजबूर कर दिया।

Namoinsansad

















फहाद ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 'पीएम मोदी अभी भी चुनाव मोड से बाहर नहीं आ पाए हैं। कांग्रेस के 60 साल से आगे भी बढ़ो। ईपीएफ, रोहित वेमुला और जेएनयू की भी बात करो।

namoinsansad


















अक्षय शर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा कि सोनिया जवाब दे नहीं सकती हिंदी में और राहुल जवाब देता है तो और ज्यादा बेइज्जत्ती हो जाती है।




लोकेश चाहर ने लिखा कि पीएम मोदी की उस बात को ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा था कि आप देश के नागरिकों को अफसरशाही के भरोसे नहीं छोड़ सकते हैं। हमें देश के 125 करोड़ लोगों पर भरोसा करना होगा।

कुमार अमित ने पीएम मोदी की लोकसभा में कही गई उस बात पर पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन संसद में सिर्फ महिला सांसदों को बोलने देने की बात कही थी। तो अमित ने सवाल किया कि वाह क्या बात कही है? पर  7 आरसीआर में खुद की बीवी को नहीं स्वीकार नहीं करते हैं।
Namoinsansad

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed