'पाकिस्तान को उचित शब्दों में बात पहुंचा दी है'
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पाकिस्तान के पेशावर में हुए हमले के मसले पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि पेशावर में हुए हमले से जितना दुखी पाकिस्तान है, उतना ही भारत भी। सभी भारतीयों की आंखों में इस बच्चों के लिए आंसू हैं। मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, "पाकिस्तान को उचित शब्दों में बात पहुंचा दी गई है।"
लोकसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि 26/11 के आरोपी जकी उर रहमान लखवी को जमानत देकर पाकिस्तान ने आतंक के खिलाफ लड़ने की अपनी ही बात का मजाक उड़ाया है।
वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा में धर्मांतरण के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार है। विपक्ष पीएम का जवाब चाहता है, लेकिन सरकार नहीं चाहती कि पीएम इस मामले पर बोलें।
कल ही सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया था कि पीएम इस पर जवाब नहीं देंगे, हालांकि वह राज्यसभा में मौजूद थे। वैंकेया नायडू और अरुण जेटली ने चर्चा कराने के लिए कहा था।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर कहा है कि पीएम को सदन का सम्मान करना चाहिए। खबर के लिखे जाने तक विपक्ष पीएम के जवाब के लिए अड़ा हुआ है और सरकार चर्चा के लिए।
23 को खत्म हो जाएगा सत्र
राज्यसभा में बीते कुछ दिनों से गतिरोध और विरोध जारी है। 23 दिसंबर को सत्र खत्म हो जाएगा और बचे हुए कम वक्त में ही सरकार को कुछ महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने हैं।
सत्र शुरु होने से पहले सरकार ने बताया था कि वह 37 महत्वपूर्ण विधेयक लाना चाहती है और तभी ये माना जा रहा था कि अगर ऐसा होता है तो ये मोदी सरकार की कामयाबी के तौर पर देखा जाएगा।
दरअसल विपक्ष बीजेपी सांसदों और मंत्रियों की ओर से दिए जा रहे विवादास्पद बयानों से खफा है। पीएम अपनी एक मंत्री के लिए संसद में इस बात को भी कह चुके हैं कि उन्हें माफ कर दिया जाना चाहिए।
इसके अलावा धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दे पर पीएम का कुछ ना बोलना भी विपक्ष को मौका दे रहा है।