मोदी बोले, मेरी भारत माता के पास 250 करोड़ हाथ हैं
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी के ऑलफोंस अरीना में कहा कि यहां मुझे जो मान-सम्मान, प्यार और स्वागत मिला है, उसे मैं भारत के सवा सौ करोड़ भारतीयों को समर्पित करता हूं।
करीब 20 हजार लोगों के भीड़ से खचाखच भरे हॉल में मोदी ने कहा, 'मैं भारत का ऐसा पहला प्रधानमंत्री हूं जो आजाद भारत में पैदा हुआ हूं। हम गुलाम भारत में पैदा नहीं हुए, हम देश के लिए मर नहीं सके, लेकिन देश के लिए जी तो सकते हैं, देश को आगे ले जाने के लिए संघर्ष तो कर सकते हैं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम अक्सर सुनते हैं कि हमारे धर्म में देवी-देवताओं के हजारों हाथ हैं, इसका मतलब यह होता है कि उनके पास काम करने वाले करीब 500 लोगों का एक समूह होता था, जिनके 1 हजार हाथ उनके साथ ही गिने जाते थे।
मोदी ने कहा कि ठीक इसी तरह भारत माता के पास 250 करोड़ हाथ हैं, जिनमें 200 करोड़ हाथ 35 साल से कम उम्र की लोगों के हैं। यही वो युवा हैं जिनमें भारत के सपनों को पूरा करने की हिम्मत है।
'भारत ऊर्जा से भरा हुआ देश है'
उन्होंने कहा कि सिडनी एक खूबसूरत शहर है और ऑस्ट्रेलिया एक खूबसूरत देश है। मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया में काफी समानताएं हैं। दोनों देश क्रिकेट के बिना जीवित नहीं रह सकते हैं। मोदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया से भारत पहुंचने में केवल एक दिन का समय लगता था, लेकिन भारत से ऑस्ट्रेलिया आने में एक भारतीय प्रधानमंत्री को 28 साल लग गए।
मोदी ने कहा 'भारत में प्रधानमंत्री के रूप में 6 महीने का अनुभव करने के बाद मैं कह सकता हूं कि हमारा देश ऊर्जा से भरा हुआ है। देश ने जो सपना देखा है, भारत मां उसे पूरा करने के लिए ऊर्जा दे रही है।' मोदी ने कहा कि 1964 में टोक्यो में आयोजित ओलंपिक खेलों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व एक भारतीय ने किया था, यह कोई मामूली बात नहीं थी। आज पूरी दुनिया में भारत की प्रतिभा का डंका बज रहा है।
मोदी के भाषण से पहले गरबा, शास्त्रीय संगीत और भांगड़ा के अलावा दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए वहां मौजूद लोगों को भारतीयता का एहसास कराया गया। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों में शुमार ब्रेट ली भी कार्यक्रम में मौजूद हैं।