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आर्थिक सुधारों के लिए मोदी ने लिया यह अहम फैसला

Wed, 22 Oct 2014 03:50 PM IST
सुजय मेहदूदिया/अमर उजाला, नई दिल्ली
सुजय मेहदूदिया/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 22 Oct 2014 03:50 PM IST
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narendra modi govt decision on gst.

आर्थिक सुधारों को लेकर फास्ट ट्रैक पर दिख रही मोदी सरकार ने लगातार दूसरे दिन एक अहम फैसला किया है। सोमवार को कोयला खदानों की नीलामी का फैसला करने के बाद मंगलवार को सरकार ने कहा कि वह संसद के शीतकालीन सत्र में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) संशोधन विधेयक पेश करेगी। शनिवार को डीजल की कीमत सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के बाद सरकार का यह तीसरा अहम फैसला है।

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विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के रास्ते में रोड़ा माने जाने वाले केंद्रीय बिक्री कर (सीएसटी) को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यों को होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की पहली किश्त भी शीत सत्र में जारी की जा सकती है। जेटली ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि हम शीत सत्र में जीएसटी संशोधन विधेयक पेश करेंगे।
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विदेशी निवेशक देश के भीतर स्थिर कर व्यवस्था के लिए लंबे समय से जीएसटी की मांग कर रहे हैं जिससे कि राज्यों के बीच कराधान संबंधी विसंगतियों को दूर किया जा सके। सरकार ने एक अप्रैल 2016 से जीएसटी लागू करने का प्रस्ताव किया है। ऐसे में नई प्रत्यक्ष कर व्यवस्था से जुड़े मसले को देखने के लिए निर्धारित समय से पहले की नए वित्त आयोग का गठन किया जा सकता है। सरकार पहले की कह चुकी है कि जीएसटी से राज्यों को नुकसान की भरपाई करने की प्रक्रिया में वित्त आयोग को शामिल किया जा सकता है।

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खत्म हो जाएगा सीएसटी

narendra modi govt decision on gst.

यूपीए सरकार ने वर्ष 2011 में जीएसटी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था। लेकिन मुआवजे को लेकर राज्यों के साथ सहमति नहीं बनने के कारण इसे लागू करने की तारीख बढ़ती गई। राज्य सीएसटी को खत्म किए जाने के कारण अपने राजस्व की भरपाई के लिए केंद्र से पांच साल तक मुआवजा देने और इसे विधेयक में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। जीएसटी का लक्ष्य अधिकतर अप्रत्यक्ष करों को समाहित करने का है।

केंद्र सरकार फिलहाल सीएसटी की वसूली करती है और इसे राज्यों के बीच बांटती है। जीएसटी के आने से सीएसटी खत्म हो जाएगा। जीएसटी के लिए सीएसटी को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जा रहा है। यह फिलहाल चार फीसदी से घटकर दो फीसदी पर आ गया है।

जीएसटी से फायदे

जीएसटी लागू होने देश भर में कारोबारी कर व्यवस्था में एकरूपता आएगी। इससे देश के एक कोने से दूसरे कोने में व्यापार करने में सहूलियत होगी।  

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