कश्मीरी पंडितों के लिए मोदी सरकार का बड़ा कदम
नब्बे के दशक में जम्मू कश्मीर से विस्थापित तीन लाख कश्मीरी पंडितों को बसाने के लिए केंद्र ने राज्य सरकार को पत्र लिख कर उपयुक्त जमीन खोजने को कहा है।
पुनर्वास के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को चिट्ठी लिखकर इस संदर्भ में अपने सुझाव पेश किये हैं। गृहमंत्री ने लिखा है कि विस्थापितों के मूल निवास स्थानों के नजदीक ही भूमि की पहचान हो।
साथ ही उस स्थान के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान भी रखा जाए। गृह मंत्री ने कहा है कि सरकार कश्मीरी विस्थापितों को घाटी में लौटने और उनके पुनर्वास में सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
500 करोड़ रुपए आवंटन की घोषणा
आम बजट में इसके लिए 500 करोड़ रुपए आवंटन की घोषणा हुई है। मोदी सरकार ने फिलहाल 62 हजार पंजीकृत कश्मीरी विस्थापित परिवारों को सम्मान के साथ कश्मीर में बसाने की योजना बनाई है।
1990 की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद शुरू होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने कश्मीर घाटी से दिल्ली समेत देश के अन्य भागों में पलायन किया था।
मोदी सरकार अब उनके पुनर्वास को लेकर अपनी गंभीरता जता रही है। राजनाथ सिंह ने इस सिलसिले में कदम उस वक्त उठाया है जब आगामी नवंबर-दिसंबर में जम्मू में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं जिसमें भाजपा अपने लिए बेहतर संभावना तलाश रही है।