मोदी ने दी एक और कड़वी दवा, बढ़ेंगे चीनी के दाम!
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अच्छे दिनों के नाम पर देश को महंगाई की कड़वी डोज की बात कर रही मोदी सरकार ने आम जनता को एक और झटका दिया है।
मोदी सरकार ने चीनी पर आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया है। मोदी सरकार के इस नए फैसले से चीनी के दामों में बढ़ोत्तरी हो सकती है। आयात शुल्क बढ़ाने के कारण चीनी के दाम 3-4 रुपए प्रति किलो बढ़ सकते हैं।
हालांकि दाम बढ़ने को लेकर खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि हमारे पास एक साल तक के लिए स्टॉक मौजूद है। इसलिए इस फैसले से चीनी के दामों में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
15 से 40 प्रतिशत किया आयात शुक्ल
नरेंद्र मोदी सरकार ने चीनी के आयात शुल्क में भारी बढ़ोत्तरी की है। फिलहाल चीनी पर आयात शुल्क 15 प्रतिशत है जो बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है।
मोदी सरकार में खाद्य और आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने इस फैसले की घोषणा करते हुए बताया कि चीनी कंपनियों को राहत देने के लिए ये फैसला किया गया है। हालांकि इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।
निर्यात पर दी जाएगी सब्सिडी
खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि चीनी कंपनियों को राहत के लिए एक टन चीनी के निर्यात पर 3300 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही निर्यात पर मिलने वाली सब्सिडी को सितंबर तक बढ़ाया गया है।
पासवान ने बताया कि चीनी मिल मालिकों से कहा गया है कि यदि वे किसानों के 11 हजार करोड़ रुपये बकाये का भुगतान करते हैं तो सरकार उन्हें अन्य रियायतें देने पर भी विचार करेगी।
किसानों के बकाए के लिए देगी कर्जा
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि सरकार नकदी संकट से जूझ रही चीनी मिलों को किसानों के बकाये के भुगतान के लिए ब्याज मुक्त 4400 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज मुहैया कराएगी।
उन्होंने बताया कि कच्ची चीनी के निर्यात पर 3300 रुपये टन की रियायत को सितंबर तक बढाया गया है। सरकार ने पेट्रोल में एथनाल की पांच प्रतिशत मात्रा को बढाकर 10 प्रतिशत अनिवार्य करने का भी फैसला किया है।
भारतीय चीनी मिल संघ ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।