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देश की तरक्की के लिए मोदी का नया मंत्र

Wed, 25 Sep 2013 09:15 PM IST
विनोद अग्निहोत्री/गांधीनगर
विनोद अग्निहोत्री/गांधीनगर Updated Wed, 25 Sep 2013 09:15 PM IST
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narendra modi formula for india development

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए युवाओं के कौशल वर्धन (स्किल डेवलेपमेंट) को बढ़ाने का नया फॉर्मूला दिया है।

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मोदी का कहना है कि 20वीं सदी में हमने आईआईटी के गीत बहुत गाए, अब 21वीं सदी में आईटीआई के गीत गाने का जमाना है।

मोदी ने यह भी कहा कि देश बाबुओं और लंबा कुर्ता पहनकर बड़े बड़े भाषण देने वाले नेताओं से नहीं चलता है, बल्कि देश का निर्माण उन करोड़ों युवाओं और श्रमिकों से होता है जो कारखानों, वर्कशॉप, दुकानों और निर्माण क्षेत्रों में काम करते हैं।
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लेकिन भगवान विश्वकर्मा के देश में उनकी प्रतिष्ठा नहीं है। जब तम श्रम और श्रमिक की प्रतिष्ठा व सम्मान नहीं होगा देश तरक्की नहीं करेगा।

गुजरात सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कौशल्य वर्धन सम्मेलन को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा युवाओं वाला देश है।

देश की 65 फीसदी युवा आबादी को काम चाहिए और अगर हम विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को कौशल वर्धन से जोड़कर उनकी तकनीकी और श्रम कार्यकुशलता को बढ़ाते हैं तो देश के उद्योगों में उत्पादकता शून्य गुणहीनता (जीरो डेफिसिट) वाली होगी और मैन्युफैक्चरिंग उद्योग का निर्यात बढ़ेगा।
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निर्यात बढऩे से देश में विदेशी मुद्रा के भंडार भरेंगे और उससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रुपया मजबूत होगा।

मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा कि भले ही दिल्ली में बैठी सरकार रुपए को मजबूत न कर पाए लेकिन देश के कौशल वर्धन कार्यक्रमों से प्रशिक्षित युवा जरूर यह काम कर सकते हैं।

इसलिए देश में ज्यादा से ज्यादा आईटीआई खुलने चाहिए जहां युवाओं को विभिन्न श्रमसाध्य कामों के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि भारत सरकार ने कौशल वर्धन के क्षेत्र में सिर्फ कमेटियां बनाईं और भंग की। काम कुछ भी नहीं किया।

जबकि गुजरात ने इस क्षेत्र में कौशल वर्धन केंद्रों के जरिए जो रास्ता दिखाया है, उसका अनुकरण करके दूसरे राज्य भी तरक्की कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पहले कार्यकुशल श्रमिक उन इलाकों और देशों में जाते थे जहां विकास होता था, लेकिन अब विकास और उद्योग वहां आ रहे हैं जहां कार्य कुशल श्रमिक उपलब्ध हैं। गुजरात में उद्योगों के आने का एक बड़ा कारण यह भी है।

मोदी ने कहा कि जो काम भारत सरकार को करना था, वह गुजरात की सरकार को करना पड़ रहा है।

मोदी ने कहा कि देश में कार्यकुशल श्रमिक भी हैं और उनकी मांग भी है, लेकिन इसे जोडऩे वाला कोई नेता नहीं है। कोई स्वप्नदर्शी नहीं है जो युवाओं के सपनों को साकार रूप दे सके।

गुजरात सरकार द्वारा गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित कौशल वर्धन राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।


मोदी ने उनके जरिए देश के सभी राज्यों को संबोधित किया। गुजरात की सभी आईटीआई केंद्रों में इसका सीधा प्रसारण किया गया और करीब 40 हजार युवा प्रशिक्षुओं ने इसे सीधा देखा।

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