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विदेश नीति के मोर्चे पर क्यों फेल होते हैं मोदी?

Wed, 20 Apr 2016 05:07 PM IST
Updated Wed, 20 Apr 2016 05:07 PM IST
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narendra modi foreign policy

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्‍ता संभालने के बाद से ही विदेश नीति के मसले पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने अमेरिका, चीन, रूस जैसे अंतरराष्‍ट्रीय राजनीति के महत्वपूर्ण देशों के साथ ही फिजी और मंगोलिया जैसे देशों की यात्राएं की, भारत की विदेश नीति के मसले पर जिनकी अहमियत बहुत ‌अधिक नहीं रही है।

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प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति 'मोदी डॉक्ट्राइन' के नाम से मशहूर रही है। उन्होंने दक्षिण एशिया के पड़ोसी देशों के साथ ही दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से रिश्ते बेहतर करने का प्रयास किया। मोदी ने अंतराष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात करने के अपने तरीकों और कई मौकों पर प्रोटोकॉल तोड़कर नए विदेश नीति की नई परिपाटी बनाने का प्रयास भी किया। हालांकि उन प्रयासों के बाद भी ऐसे मौके आए हैं, जबकि कई मुल्कों ने भारत की हितों के अनुरूप फैसले नहीं लिए हैं और मोदी सरकार की किरकिरी हुई है।
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हाल ही में अमेरिका ने पाकिस्तान को एफ 16 लड़ाकू विमान बेचने का फैसला किया, जबकि भारत इस फैसलों को अपने साम‌रिक हितों के अनुरूप नहीं मानता है। भारत ने अमेरिका के फैसले पर नाराजगी जताई और दिल्ली में अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा को तलब भी किया। हालांकि अमेरिका ने भारत के विरोध को खारिज कर दिया।

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नेपाल ने भी भारत के हितों की अनदेखी की

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मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद अमे‌रिका की दो बार यात्रा कर चुके हैं, जबकि बराक ओबामा भी भारत का दौरा कर चुके हैं। ओबामा अंतरराष्ट्रीय चर्चााओं में मोदी को अपना दोस्त भी बता चुके हैं। हालांकि मोदी और ओबामा की दोस्ती के बाद भी अमेरिकी प्रशासन ने अपने आर्थिक हितों को ही ऊपर रखा, न कि भारत के सामरिक हितों को।

विदेश न‌ीति के मोर्चे पर नेपाल के साथ भारत के संबंधों को भी कूटनीतिक असफलता ही माना जाता है। मोदी ने अगस्त 2014 में बतौर प्रधानमंत्री नेपाल का दौरा किया। उन्होंने नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा की, नेपाल की संवैधानिक सभा को संबोध‌ित किया और नेपाल को एक बिलियन डॉलर की सहायता भी दी।

इन कदमों के बाद भी नेपाली संविधान सभा ने संविधान में भारत द्वारा सुझाए गए कई प्रस्तावों को शामिल नहीं किया। भारत ने नेपाल के रवैये के खिलाफ विरोध भी जताया। हालांकि नेपाल ने भारत की आपत्तियों का दरकिनार कर दिया।

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