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सोनिया से तो मांग रहे हिसाब, अपने खर्चों पर मोदी चुप
अहमदाबाद/एजेंसी
Updated Wed, 03 Oct 2012 02:45 PM IST
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यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की यात्रा के खर्चों पर सवाल उठाने वाले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने यात्रा खर्चे उजागर करने की मांग उठी है। हाल ही में मोदी ने सोनिया के इलाज संबंधी खर्चो के संबंध में पूछा था। इस बार गुजरात की ही एक आरटीआई कार्यकर्ता तृप्ति शाह ने गुजरात सरकार पर आरोप लगाया है कि 2007 में मोदी के विभिन्न सम्मेलनों में भाग लेने के यात्रा खर्च पर उनके आवेदन का कोई जवाब नहीं दिया गया है।
बडोदरा की त्रुप्ति ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों के 'महिला सशक्तिकरण सम्मेलनों' में जाने के खर्च के संबंध में आरटीआई के जरिए सूचना मांगी थी। साथ ही उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुए इन सम्मेलनों के आयोजन की वजह भी पूछी थी। लेकिन यात्रा खर्च के बारे में उन्हें अभी तक कोई सूचना नहीं मिली। उनके बार-बार रिमांइडर भेजने पर भी वहां से कोई जवाब नहीं मिला।
शाह के मुताबिक उन्होंने राज्य के जनरल एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट (जीएडी) से 1 नवंबर 2007 को आरटीआई के जरिए इस संबंध में जानकारी मांगी थी। तब उन्हें 10 मार्च, 2007 से 20 सितंबर, 2007 तक नरेंद्र मोदी की 27 जगहों पर हेलिकॉप्टर के जरिए यात्राओं की सूचना उपलब्ध कराई गई। लेकिन इन यात्राओं के खर्च के संबंध में लिखा गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसका उल्लेख नहीं किया है, इसलिए मुख्यमंत्री का यात्रा खर्च शून्य माना जाएगा।
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उसके बाद त्रुप्ति शाह ने 20 नवंबर 2007 को उन एजेंसियों की सूची मांगी जिन्होंने इस खर्च का भार उठाया था। दो बार रिमाइंडर भेजने पर भी उन्हें इस सवाल का कोई जवाब नहीं मिला। तब उन्होंने मुख्य सूचना अधिकारी के पास इसकी शिकायत की। मुख्य सूचना अधिकारी ने अक्तूबर तक यह जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
यह वाकया नरेंद्र मोदी के सोनिया गांधी के विदेशी दौरों पर हुए खर्च की जानकारी मांगने के बीच सामने आया है। मालूम हो कि जैसर में जनसभा के दौरान नरेंद्र मोदी ने सोनिया गांधी पर विदेश दौरों में 1880 करोड़ रूपए के खर्च होने का आरोप लगाया था। हालांकि जिस आरटीआई कार्यकर्ता के हवाले से यह सूचना मोदी ने सार्वजनिक की थी, उसने ऐसी कोई जानकारी मिलने से इंकार किया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।
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बडोदरा की त्रुप्ति ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों के 'महिला सशक्तिकरण सम्मेलनों' में जाने के खर्च के संबंध में आरटीआई के जरिए सूचना मांगी थी। साथ ही उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हुए इन सम्मेलनों के आयोजन की वजह भी पूछी थी। लेकिन यात्रा खर्च के बारे में उन्हें अभी तक कोई सूचना नहीं मिली। उनके बार-बार रिमांइडर भेजने पर भी वहां से कोई जवाब नहीं मिला।
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शाह के मुताबिक उन्होंने राज्य के जनरल एडमिनिस्ट्रेटिव डिपार्टमेंट (जीएडी) से 1 नवंबर 2007 को आरटीआई के जरिए इस संबंध में जानकारी मांगी थी। तब उन्हें 10 मार्च, 2007 से 20 सितंबर, 2007 तक नरेंद्र मोदी की 27 जगहों पर हेलिकॉप्टर के जरिए यात्राओं की सूचना उपलब्ध कराई गई। लेकिन इन यात्राओं के खर्च के संबंध में लिखा गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा इसका उल्लेख नहीं किया है, इसलिए मुख्यमंत्री का यात्रा खर्च शून्य माना जाएगा।
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उसके बाद त्रुप्ति शाह ने 20 नवंबर 2007 को उन एजेंसियों की सूची मांगी जिन्होंने इस खर्च का भार उठाया था। दो बार रिमाइंडर भेजने पर भी उन्हें इस सवाल का कोई जवाब नहीं मिला। तब उन्होंने मुख्य सूचना अधिकारी के पास इसकी शिकायत की। मुख्य सूचना अधिकारी ने अक्तूबर तक यह जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
यह वाकया नरेंद्र मोदी के सोनिया गांधी के विदेशी दौरों पर हुए खर्च की जानकारी मांगने के बीच सामने आया है। मालूम हो कि जैसर में जनसभा के दौरान नरेंद्र मोदी ने सोनिया गांधी पर विदेश दौरों में 1880 करोड़ रूपए के खर्च होने का आरोप लगाया था। हालांकि जिस आरटीआई कार्यकर्ता के हवाले से यह सूचना मोदी ने सार्वजनिक की थी, उसने ऐसी कोई जानकारी मिलने से इंकार किया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।