फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   narendra modi criticise upa government with pakistan and china relation

'डूब मरो, डूब मरो...देश की सरकार चलाने वालों'

Mon, 12 Aug 2013 10:31 AM IST
इंटरनेट डेस्क
इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 12 Aug 2013 10:31 AM IST
विज्ञापन
narendra modi criticise upa government with pakistan and china relation

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में रैली के दौरान केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है।

विज्ञापन


मोदी ने कहा, 'सरहद पर पाकिस्तानी सेना ने हमारे जवानों को गोलियों से भून दिया लेकिन हमारी सरकार चुपचाप है। इससे पहले भी पाकिस्तानी सेना ने दुस्साहस दिखाते हुए हमारे जवानों का सिर काट दिया था, पर सरकार खामोश रही।

पढ़ें, 'सिर्फ सरदार पटेल से हो सकती है मोदी की तुलना'
हैदाराबाद के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में एक लाख से ज्यादा समर्थकों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'यह समझ से परे है कि पाकिस्तान एक के बाद एक जुर्म कर रहा है और एक अरब से अधिक लोगों का देश चुपचाप झेल रहा है। पिछले दिनों कई घटनाएं घटी है। न जाने कितने लोगों को मारा गया है, न जाने कितने लोगों का घर तबाह हो गया...पर सरकार चुप्पी साधे बैठी रही।'
विज्ञापन


नरेंद्र मोदी ने चीन के साथ रिश्तों पर केंद्र की जमकर खिंचाई की।

उन्होंने कहा, 'चीन लगातार सीनाजोरी पर उतारू है और हम चुप बैठे हैं। ऐसी स्थिति केंद्र सरकार के लिए डूब मरने की स्थिति है। कड़े कदम उठाने के बजाय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद संयम बरतने की सलाह देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोदी ने कहा, 'ऐसी ही स्थिति बांग्लादेश से लगी सीमा पर भी है। घुसपैठिए के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के बजाय हम उन्हें अपने मुल्क में आने दे रहे हैं। सरकार ने सुरक्षाबलों को निर्देश दे रखा है कि वह कोई कड़ी कार्रवाई न करें।

पढ़ें, हाफिज सईद की मोदी से तुलना पर बिफरी भाजपा
मोदी ने बताया कि किश्तवाड़ में हुई हिंसा में जम्मू-कश्मीर सरकार की नाकामी सामने आती है। सरकार जवाब दे कि आखिर क्यों राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को किश्तवाड़ जाने से रोका गया? सच तो यह है कि वोट बैंक के लिए सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है।

एक लाख लोगों से भरी रैली में मोदी ने कहा कि लोगों का यूपीए सरकार पर से भरोसा उठ गया है। ऐसे में बीजेपी ही लोगों के लिए उम्मीद की किरण है।

लाल बहादुर स्टेडियम में मोदी का भाषण सुनने न सिर्फ आंध्र प्रदेश से बल्कि दक्षिण भारत के कई शहरों से एक लाख से अधिक लोग आए हैं। इन लोगों से रैली में भाग लेने के लिए पांच रुपये लिए गए हैं। यह रकम उत्तराखंड पीड़ितों की मदद में खर्च की जाएगी।

मौन क्यों हैं मनमोहन?
कुछ दिनों पहले जब हमारे जवान का सिर काट दिया गया था, तब पीएम ने कहा था कि ऐसी घटना दोबारा होगी तो हम पाकिस्तान से हिसाब चुकता करेंगे। अब पाक ने हमारे पांच जवानों को गोलियों से भून दिया फिर भी पीएम चुप बैठे हैं। लगता है कि वोट बैंक की राजनीति में डूबी सरकार के लिए सुरक्षा कोई मायने ही नहीं रखती।

बांग्लादेशी घुसपैठियों को छूट
देश की सुरक्षा खतरे में है। बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठियों के खिलाफ बीएसएफ को कार्रवाई नहीं करने के आदेश दिए गए हैं। यहां तक कहा गया है कि अगर घुसपैठिए आक्रामक रवैया अपनाते हैं तो उन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश करने दिया जाए।

बहुत पसंद है विदेश मंत्री को बीजिंग
चीन के सैनिक हमारे देश की सीमा में अंदर तक घुस गए। बाद में चीनी सेना पीछे तो हट गई लेकिन हमारी सेना को अपने ही देश में पीछे हटना पड़ा। इतना ही नहीं विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद जब चीन गए तो आंखें दिखाने की बजाय कहा कि बीजिंग बहुत सुंदर है और हमें यहीं बस जाने का मन करता है। ऐसा कहकर आप 125 करोड़ लोगों के घाव पर एसिड छिड़क रहे हैं।

शिवराज की तारीफ
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भले ही मोदी की अनदेखी करते दिखते हैं, लेकिन मोदी ने आज शिवराज की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वहां चल रही लाड़ली योजना से दूसरे राज्यों को सबक लेना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने रमन सिंह और जयललिता सरकार की योजनाओं की भी प्रशंसा की।


5 रुपये शुल्क देकर भी एक लाख से ज्यादा जुटे लोग
देश में पहली बार जनसभा में आने वाले लोगों से बतौर शुल्क पांच रुपये लिए गए। इसके बावजूद एक लाख से ज्यादा लोग स्टेडियम में मौजूद थे। जबकि बहुत से लोग तो स्टेडियम के बाहर ही रह गए। एंट्री फीस में जमा हुई रकम उत्तराखंड आपदा कोष में दान कर दी जाएगी।

ओबामा के अंदाज में भाषण का समापन
मोदी ने ओबामा के अंदाज में भाषण का समापन किया। ओबामा की तरह रैली में मौजूद लोगों से ‘यस वी कैन, यस वी डू’ के नारे लगवाए।

मोदी के मंत्र
एक ही हो मजहब - इंडिया फर्स्ट
एक ही धर्मग्रंथ - भारत का संविधान
एक ही शक्ति - देश की जनशक्ति
एक ही भक्ति - देश की राष्ट्रभक्ति

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed