मोदी ने चुनाव आयोग को दी एक और मामला दर्ज करने की चुनौती
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अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से खफा नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग पर हिंसा और चुनावी धांधली रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए चुनौती दी है कि आयोग चाहे तो उनके खिलाफ एक और मामला दर्ज कर सकता है।
पश्चिम बंगाल के चौथे चुनावी दौरे पर आए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने बांकुड़ा और आसनसोल में अपनी रैलियों में मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर तो हमले किए ही, यह भी दोहराया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों को बोरिया-बिस्तर बांधकर जाना होगा।
मोदी ने कहा कि मैं आयोग पर गंभीर आरोप लगा रहा हूं। वह उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनावी धांधली और हिंसा रोकने में नाकाम रहा है।
चुनाव आयोग पर मोदी ने साधा निशाना
मोदी ने सवाल किया कि पूरी सरकारी मशीनरी हाथ में होने और प्रधानमंत्री से ज्यादा अधिकार होने के बावजूद आयोग आखिर चुप्पी साधे क्यों बैठा है? निष्पक्ष चुनाव कराना उसकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल को मतदान के दौरान यहां कैसी धांधली हुई, यह सबको पता है। मालूम हो कि गुजरात के गांधीनगर में मतदान के बाद अपनी पार्टी का चुनाव चिन्ह दिखाने और इसके तुरंत बाद प्रेस कांफ्रेंस करने को लेकर मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
मोदी ने दोहराया कि केंद्र में पार्टी की सरकार बनने पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस जाना होगा। एक दिन पहले ही ममता ने चुनौती दी थी कि अगर हिम्मत है तो कोई बांग्लादेश से आए लोगों को छूकर दिखाए। लेकिन मोदी ने कहा कि देश के युवाओं की नौकरियां हथियाने वालों को यहां से जाना होगा।
मोदी ने दिए ममता के आरोपों के जवाब
मोदी ने ममता के आरोपों के जवाब भी दिए। ममता ने पिछले सप्ताह मोदी को कागजी शेर करार देते हुए कहा था कि कागजी शेर और रॉयल बंगाल टाइगर में बहुत फर्क होता है।
मोदी ने दावा किया कि कागजी शेर के राज्य गुजरात में महिलाएं पश्चिम बंगाल के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित हैं। मोदी ने कहा कि ममता अगर खुद को शेर समझती हैं तो पहले शारदा चिटफंड घोटाले के आरोपियों को जेल भिजवाएं।
मोदी ने कहा कि ममता चाहे उनके खिलाफ कितने भी हमले करें, वे केंद्र में सरकार बनाने के बाद बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। वे बदले की नहीं, बल्कि बदलाव की राजनीति में यकीन रखते हैं।
'पहले लड्डू और अब रसगुल्ले'
मोदी ने लोगों से कहा कि केंद्र में एक मजबूत सरकार बनाने की स्थिति में उनके दोनों हाथों में रसगुल्ले होंगे। केंद्र भी राज्य के विकास में मदद करेगा। उसके बाद ममता को मजबूरन विकास की प्रक्रिया तेज करनी होगी।
इससे पहले 5 फरवरी को कोलकाता में अपनी रैली में मोदी ने लड्डू शब्द का इस्तेमाल किया था। लेकिन अब उन्होंने रसगुल्ला शब्द का प्रयोग किया।
मोदी ने चुनौती नहीं, सुझाव दिया: भाजपा
भाजपा ने कहा है कि मोदी ने चुनाव आयोग को चुनौती नहीं दी, बल्कि एक नेता के तौर पर सिर्फ सुझाव दिया है। भाजपा नेता एमजे अकबर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में दूसरे राजनीतिक दल भी ऐसा सुझाव दे चुके हैं।