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अपनी सीट खुद नहीं चुन पाएंगे नरेंद्र मोदी

Fri, 07 Mar 2014 07:00 PM IST
राजेश रोशन/अमर उजाला, नई दिल्ली
राजेश रोशन/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 07 Mar 2014 07:00 PM IST
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Narendra modi can not pick his own loksabha seat

बीजेपी के अंदर से ही नरेंद्र मोदी को लेकर आरोप लगते रहे हैं कि वह किसी की नहीं सुनते, हमेशा अपनी मन की करते हैं। लेकिन अब खबर यह है कि नरेंद्र मोदी अपनी ही चुनाव में अपनी सीट खुद नहीं चुन पाएंगे।

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कभी यूपी की राजधानी लखनऊ तो कभी हिंदुओं की पवित्र नगरी के रूप में मशहूर बनारस से उनके चुनाव लड़ने की खबरें आती रहीं हैं। बीच-बीच में वह लालकृष्ण आडवाणी की सीट गांधीनगर के भी दावेदार बताए जाते हैं। लेकिन वह कौन सी सीट होगी जहां से नरेंद्र मोदी चुनाव लड़ना चाहते हैं। यह अभी तक किसी को नहीं पता।

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कहा तो यहां तक भी जाता हैं नरेंद्र मोदी की रणनीति इतनी तगड़ी होती है कि उनका दाहिना हाथ क्या करता है वो उनके बाएं हाथ तक को पता नहीं चलता।

संघ तय करेगा मोदी की सीट का फैसला

Narendra modi can not pick his own loksabha seat

चुनावों तारीखों की घोषणा के बाद अब नरेंद्र मोदी की सीट को लेकर बीजेपी के थिंकटैंक में भी थोड़ी बेचैनी बढ़ रही है। आखिर वह कौन सी सीट होगी जहां गुजरात का यह मुख्यमंत्री चुनाव लड़ना चाहता है। और क्या नरेंद्र मोदी जो सीट चाहते हैं वो उनको मिल पाएगी?

बीजेपी की नेताओं की माने तो अब नरेंद्र मोदी अपनी सीट खुद नहीं तय कर पाएंगे। अब बीजेपी की मातृत्व संगठन आरएसएस ने यह जिम्मा ले लिया है कि वह नरेंद्र मोदी की सीट को चुनें।

इस मुताबिक 8 मार्च को बैंगलोर में होने वाली संघ की प्रतिनिधि सभा इसका अंतिम फैसला होगा कि नरेंद्र मोदी को कौन सी सीट से चुनाव में उतारना है। वह एक जगह से ही चुनाव लड़ेंगे या किसी दो सीटों पर उन्हें आजमाना सही रणनीति होगी, इसका फैसला भी इसी बैठक में लिया जाएगा।

सीट को लेकर दो फाड़ हुए बीजेपी कार्यकर्ता

Narendra modi can not pick his own loksabha seat

वैसे नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट को लेकर बीजेपी के अंदर गुटबाजी गहरा रही है। लालकृष्‍ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह अपनी पुरानी सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। और इसी को आगे बढ़ाते हुए मुरली मनोहर जोशी के कार्यकर्ताओं ने बनारस के मुख्य सड़कों में अपने नेता के समर्थन में पोस्टर लगा दिए हैं।

इन पोस्टरों में होली की बधाई के साथ-साथ लिखा हुआ है, बोले काशी विश्वनाथ, डॉ जोशी का देंगे साथ। इन पोस्टरों और स्लोगन ने मोदी और जोशी के कार्यकर्ताओं को आमने-सामने ला दिया है।

शहर के मुख्य चौराहों में नरेंद्र मोदी के कार्यकर्ताओं ने भी पोस्टर से शहर को पाट दिया है। पोस्टर में नरेंद्र मोदी की तस्वीर तो है लेकिन शहर के वर्तमान सांसद मुरली मनोहर जोशी गायब हैं। पोस्टर में लिखा है, काशी नगरी करे पुकार, नरेंद्र मोदी अबकी बार।

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सभा में होगा फैसला, मोदी को नहीं बुलाया गया

Narendra modi can not pick his own loksabha seat

वहीं आरएसएस अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा शुक्रवार से शुरू हो रही है। इस सभा में संघ के कम से कम 1400 चुने हुए प्रतिनिधि और पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।

हालांकि आरएसएस नेता मनमोहन वैद्य ने कहा कि सभा में कोई भी राजनीतिक निर्णय नहीं लिया जाएगा। उनका कहना है कि सभा केवल संघ के कामकाज पर चर्चा करने और उसका मूल्यांकन करने के लिए है।

मनमोहन वैद्य की बातों पर यकीन इसलिए नहीं किया जा रहा है क्योंकि बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और महासचिव रामलाल भी 8 मार्च को सभा में हिस्सा लेंगे। औपचारिक तौर पर आरएसएस यही कहता आया है कि बीजेपी अपने फैसले खुद लेती है, उस पर संघ का कोई दबाव नहीं या हस्‍तक्षेप नहीं रहता है।

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