मोदी ने संभाली देश की कमान, बने देश के प्रधानमंत्री
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यह ऐतिहासिक क्षण था। देश में नए युग की शुरुआत हो रही थी। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में नरेंद्र मोदी 15वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण कर देश की बागडोर संभाल रहे थे।
प्रांगण में मौजूद सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्ष, सैकड़ों हस्तियां और टीवी पर इस समारोह को देख रहे करोड़ों लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। यह वह क्षण था जब देश में पहली बार कोई पूर्ण बहुमत वाली गैरकांग्रेसी सरकार बन रही थी
मोदी से लोगों को उम्मीदें
मोदी युग की शुरुआत से देश बड़े बदलाव की उम्मीदें लगा रहा है तो मोदी ने भी शपथ लेते ही उनके सपनों को पंख लगा दिए हैं। शपथ लेने के बाद मोदी ने कहा कि हम मिलकर भारत के सुनहरे भविष्य की पटकथा लिखेंगे।
प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि हमें देश के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आपके सहयोग की जरूरत है। आइए हम मिलकर मजबूत, विकसित भारत का सपना देखें।
45 मंत्रियों को दिलाई शपथ
मोदी के साथ उनके 45 मंत्रियों को भी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शपथ दिलाई। इनमें 23 कैबिनेट, 10 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 12 राज्यमंत्री हैं।
शाम 6 बजे शपथ लेने के लिए मोदी का नाम पुकारे जाते ही दुल्हन की तरह सजा समारोह स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
तालियां तब तक बजती रहीं जब तक मोदी शपथ लेकर वापस अपनी सीट पर नहीं बैठ गए। मोदी के बाद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने शपथ ली। इसके साथ ही साफ हो गया कि मोदी सरकार में नंबर दो की भूमिका राजनाथ की ही रहेगी।
राजनेताओं और सितारों का जमघट
उनके बाद सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी ने बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ ली। अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम के बीच देश विदेश के करीब 4000 मेहमान राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में मौजूद थे।
इनमें पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ सहित सार्क देशों के शासानाध्यक्ष, विभिन्न देशों के राजदूत, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि, सिने स्टार भी शामिल रहे।
यूपी से बने आठ मंत्री
शपथ ग्रहण का सौ देशों में सीधा प्रसारण किया गया। मोदी की टीम में महिलाओं को खासी तवज्जो दी गई है। 45 सदस्यीय टीम में 7 महिलाएं शामिल हैं। यूपी में एनडीए ने 80 में से 73 सीटें जीती हैं, इसकी झलक कैबिनेट में साफ दिखी।
यूपी को सर्वाधिक महत्व देते हुए 8 मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इनमें चार कैबिनेट और दो-दो स्वतंत्र प्रभार और राज्य मंत्री हैं।
मोदी की टीम में आश्चर्यजनक ढंग से सभी सीटें भाजपा की झोली में डालने वाले राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व नहीं मिला, जबकि सभी सीटें देने वाले राजस्थान के हिस्से भी महज एक राज्य मंत्री का पद आया।
सहयोगियों को भी मिला पद
पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त कई अन्य राज्यों को मंत्रिमंडल में नुमाइंदगी नहीं मिली। मंत्रिमंडल में भाजपा की 28 सहयोगियों में से केवल 5 दलों शिवसेना, अकाली दल, लोजपा, आरएलएसपी और टीडीपी को ही प्रतिनिधित्व दिया गया है।
आम चुनाव में सीट जीतने वाली पार्टी के अन्य छह सहयोगियों अपना दल, एमडीएमके, नगा पीपुल्स फ्रंट, स्वाभिमानी पक्ष, पीएमके, एनआर कांग्रेस को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है।