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नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए पहली पसंद
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 01 Nov 2013 03:52 PM IST
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भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैलियां रंग लाती दिख रही हैं। चार चुनावी राज्यों में हुए चुनाव पूर्व सर्वे में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में लोगों की पहली पसंद बनकर समाने आए हैं।
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नरेंद्र मोदी के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पसंद किया गया है।
सीएनएन-आईबीएन, द वीक और सीएसडीएस के सर्वे में नरेंद्र मोदी को 35 प्रतिशत और राहुल गांधी को 17 प्रतिशत लोगों ने अगले प्रधानमंत्री के तौर पर पसंद किया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली और राजस्थान में यह सर्वे किया गया। इन राज्यों में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
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सर्वे में लोगों को बिना कोई विकल्प दिए प्रधानमंत्री की पसंद के बारे में पूछने पर यह परिणाम सामने आए। इस सर्वे में सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह को जहां समान अंक मिले, वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने लालकृष्ण आडवाणी को पीछे छोड़ दिया।
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सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह को पांच प्रतिशत, मायावती को दो प्रतिशत और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी एक प्रतिशत वोट मिले।
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कड़ी टक्कर
सर्वे के मुताबिक कांग्रेस शासित दिल्ली और राजस्थान में नरेंद्र मोदी को भारी बढ़त हासिल हुई जबिक बाकी दो भाजपा शासित राज्यों में मोदी और राहुल में कड़ी टक्कर रही। दिल्ली में मोदी को 42 और राहुल को 15 प्रतिशत, राजस्थान में मोदी को 40 और राहुल को 19 प्रतिशत वोट मिले।
भाजपा शासित मध्य प्रदेश में मोदी को 31 व राहुल को 25 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में मोदी को 15 व राहुल को 10 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। यह सर्वे दिल्ली में 2507, मध्य प्रदेश में 2870, छत्तीसगढ़ में 1861 और राजस्थान में 4427 लोगों के बीच किया गया।
जुलाई 2013 में कराए गए सर्वे में मिले 26 प्रतिशत वोट के मुकाबले इस बार नरेंद्र मोदी की स्थिति में सुधार हुआ है और राहुल गांधी को केवल दो प्रतिशत की बढ़त मिली है।
कांग्रेस से संतुष्टि का स्तर बढ़ा
जब लोगों को केवल नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी का विकल्प दिया गया तो मोदी को 45 प्रतिशत और राहुल को 29 प्रतिशत लोगों ने पंसद किया। हालांकि 26 प्रतिशत लोगों ने दोनों को ही नापसंद कर दिया। इसी सवाल पर जुलाई में मोदी को 39 और राहुल को 32 प्रतिशत लोगों ने पसंद किया था।
इस बीच कांग्रेस के लिए कुछ संतोषजनक परिणाम सामने आए हैं। सर्वे के अनुसार चारों राज्यों में लोगों की केंद्र से संतुष्टि बढ़ी है। दिल्ली और छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री से लोग ज्यादा संतुष्ट हैं जबिक मध्य प्रदेश और राजस्थान में आंकड़े नीचे गए हैं।
सर्वे में यह भी निकलकर आया कि 26 प्रतिशत लोग ईमानदार प्रधानमंत्री चाहते हैं और 15 प्रतिशत ऐसा जिसमें निर्णयक्षमता हो। सात प्रतिशत लोगों ने इस साल आए नए विकल्प 'किसी को भी नहीं' दबाने का फैसला किया।
एनडीए और भाजपा को भी बढ़त
नरेंद्र मोदी ही नहीं सर्वे के परिणाम भाजपा और एनडीए के पक्ष में भी आए हैं। इन चारों राज्यों में भाजपा की लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी हुई है और कांग्रेस व यूपीए को नुकसान हुआ है।
इन चार राज्यों की 72 लोकसभा सीटों में भाजपा को 57 सीटें मिली हैं। यह साल 2009 में मिलीं सीटों से 27 और जुलाई के सर्वे से 15 सीटें ज्यादा हैं।
वहीं, कांग्रेस को सर्वे में साल 2009 के मुकाबले 28 सीटें घट कर केवल 12 सीटें मिली हैं। जुलाई के सर्वे में कांग्रेस को 27 सीटें मिली थीं।
इन चार राज्यों में आए परिणामों के आधार पर पूरे देश के स्तर पर लगाए गए अनुमान के अनुसार भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को साल 2009 की 159 सीटों की तुलना में 187 से 195 सीटें प्राप्त होंगी। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए को साल 2009 की 262 सीटों के मुकाबले 134 से 142 सीटें मिलेंगी। अन्य दलों की सीटें बढ़ने का भी अनुमान है।
हालांकि, यह परिणाम केवल चार राज्यों के आधार पर हैं और पूरे देश के स्तर पर परिणामों में बदलाव भी हो सकते हैं।