मोदी ने पहली बार बोला प्रियंका पर सीधा हमला, पढ़िए क्या कहा?
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चुनावी राजनीति की तपिश ने तमाम अलिखित सियासी कायदे-कानूनों को ताक पर रख दिया है। मुकाबला सीधा और तल्ख हो चुका है। भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की तरफ से कमान संभाल रहीं प्रियंका गांधी के बीच जुबानी जंग अब सीधी है।
सोमवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गढ़ अमेठी में रैली करने पहुंचे नरेंद्र मोदी ने जहां अपना विकास का एजेंडा सामने रखा, वहीं गांधी परिवार के एक-एक सदस्य को खरी-खोटी सुनाई। मोदी ने राहुल के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भी नहीं बख्शा।
जाहिर है, इस हमले का जवाब गांधी परिवार की तरफ से आना ही था। प्रियंका गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अमेठी में उनके पिता का अपमान किया है, जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।
मोदी ने मेरे पिता का अपमान कियाः प्रियंका
मोदी की रैली खत्म होने के बाद देर शाम प्रियंका ने दिल्ली से अमेठी की जनता को लिखे पत्र में अपने शहीद पिता के अपमान पर दुख जताते हुए इसके लिए भाजपा को सबक सिखाने की अपील की है।
प्रियंका की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है, "इन्होंने अमेठी की धरती पर मेरे शहीद पिता का अपमान किया है। अमेठी की जनता इस हरकत को कभी माफ नहीं करेगी। अमेठी के एक-एक बूथ से इसका जवाब आएगा।" उन्होंने कहा कि ये लोग नीच राजनीति पर उतर आए हैं।
मैं पिछड़ा हूं, इसलिए नीच राजनीति कहाः मोदी
नीच राजनीति वाले ताने पर नरेंद्र मोदी ने पलटवार करने में ज्यादा वक्त नहीं लगाया। सवेरे उन्होंने इस मुद्दे पर ट्वीट की झड़ी लगा दी। भाजपा के पीएम पद के दावेदार ने लिखा, "सामाजिक रूप से निचले वर्ग से आया हूं, इसलिए मेरी राजनीति इन लोगों के लिए नीच राजनीति ही होगी।"
जाहिर है, मोदी इस पलटवार में पिछड़े वर्ग से आने का कार्ड खेल रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा, "हो सकता है कि कुछ लोगों को यह नजर नहीं आता हो, पर निचली जातियों के त्याग, बलिदान और पुरुषार्थ की देश को इस ऊंचाई तक पहुंचाने में अहम भूमिका है।"
उन्होंने लिखा, "इसी नीच राजनीति की ऊंचाई पिछले 60 सालों के कुशासन और वोट बैंक की राजनीति से भारत को मुक्त कर...भारत मां के कोटि-कोटि जन के आंसू पोंछेगी।"
'यही नीच राजनीति देश सुधारेगी'
मोदी ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा, "इस नीच राजनीति की ऊंचाई भारत मां को एक समृद्ध और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में विश्व में स्थान दिलाने की ताकत रखती है।"
इससे पहले जब प्रियंका गांधी के हमलों के बारे में पूछा गया था, तो नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वो अपनी मां और बेटी के लिए प्रचार कर रही हैं और इसमें कुछ गलत नहीं है।
मोदी ने प्रियंका को बताया अहंकारी
इस पर मोदी ने रैली में कहा, "इनका एक नेता कहता है कि कौन स्मृति ईरानी? इतना अहंकार भरा है इन लोगों में। राजनीतिक जीवन में इस तरह की बयानबाजी शोभा नहीं देती। यह मर्यादा नहीं है।"
उन्होंने कहा, "स्मृति ईरानी मेरी छोटी बहन हैं और मैंने उन्हें यहां राहुल गांधी की मुसीबत बढ़ाने नहीं, बल्कि अमेठी की मुसीबतें खत्म करने के लिए भेजे हैं। स्मृति आपको अमेठी के सौ गांव के नाम बता सकती हैं, लेकिन राहुल और गांधी परिवार के दूसरे सदस्य दस गांव नहीं बता पाएंगे।"
मोदी बोले, मुझे मांगने में शर्म नहीं
इसका जवाब देते हुए नरेंद्र मोदी ने अमेठी रैली में कहा, "वो कहते हैं कि मैं मांगता हूं। वो सही कहते हैं। मैं मांगने ही आया हूं और जनता-जनार्दन ईश्वर समान है। उससे मांगने में क्या शर्म। देश लूटने से मांगना कहीं अच्छा है।"
प्रियंका गांधी के नीच राजनीति वाले बयान पर मोदी के पलटवार से कांग्रेस भी परेशान है और उसने एक बार फिर अपने हमलों का रुख मोदी की तरफ कर दिया है।
कांग्रेस और भाजपा के बीच जंग शुरू
पार्टी की दूसरी नेता शोभा ओझा का कहना था कि मोदी को यह समझना चाहिए कि कोई भी जाति से ऊंचा-नीचा नहीं होता, बल्कि अपने विचारों और कर्मों से होता है।
भाजपा नेताओं ने मोदी के बयान को सही ठहराया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "जिस तरह का बयान प्रियंका गांधी ने दिया, उससे कांग्रेस का अधिनायकवाद और सामंतवादी विचारधारा नजर आती है।"