गुजरात हिंसा में तीन की मौत, सेना बुलाई गई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात में पटेल समुदाय के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हार्दिक पटेल गुजरात सरकार को झुकाने में कामयाब होंगे या नहीं, ये तो वक्त बताएगा। हालांकि मंगलवार की रैली के बाद वह नरेंद्र मोदी के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का समर्थन जुटाने में जरूर कामयाब रहे।
अहमदाबाद की रैली में उन्होंने कहा था कि पटेल समुदाय को आरक्षण देने की मांग अगर नहीं मानी गई तो 2017 में गुजरात में कमल नहीं खिलेगा यानी भाजपा की सरकार नहीं बनेगी। इस बयान के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आरक्षण के मुद्दे पर हार्दिक का समर्थन किया है।
जनता दल यूनाइटेड ने शिक्षा और नौकरियों में पटेल या पाटीदार समुदाय को आरक्षण देने की मांग को उचित ठहराया और कहा कि जरूरत पड़ी तो पार्टी बिहार जाकर आंदोलन में हिस्सा भी लेगी।
प्रधानमंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील
वहीं, अहमदाबाद के कई इलाके में बुधवार को फिर हिंसक झड़पें हुईं। अहमदाबाद, भावनगर, बनासकांठा और सूरत के कई इलाकों में हिंसक झड़पे हुईं। राज्य में अब तक हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत हो चुकी है और स्थिति को काबू करने के लिए सेना को बुला लिया गया है। मंगलवार की रात पाटीदार अनामत संगठन के नेता हार्दिक पटेल की गिरफ्तार के बाद अहमदाबाद, सूरत समेत राज्य के कई शहरों में हिंसा भड़क उठी थी।
राज्य सरकार ने एहतियातन कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर सभी शांति बनाए रखने की अपील की। गुजराती में की गई अपील में मोदी ने कहा कि हिंसा से किसी को फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बातचीत से मामले का समाधान संभव है। गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने भी आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
इससे पहले हार्दिक पटेल ने भी व्हाट्सएप पर मैसेज जारी कर अपने समर्थकों से शांतिपूर्वक आंदोलन करने की अपील की थी।
लालू ने उठाया गुजरात मॉडल पर सवाल
गुजरात में हो रही हिंसा पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा कि क्या यही गुजरात मॉडल था जिसका देश भर में गीत गाते घूम रहे थे? विज्ञापन का मायाजाल व विकास का गुब्बारा सड़कों पर धूं-धूं कर जल रहा है।
वहीं कांग्रेस की गुजरात इकाई के नेता अर्जुन मोडवाडिया ने मौजूदा आंदोलन को राज्य की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल की विफलता बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।