फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   narendra modi and uddhav meet on diwali.

बैकफुट पर शिवसेना, होगी मोदी-उद्धव मुलाकात

Fri, 24 Oct 2014 09:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 24 Oct 2014 09:00 AM IST
विज्ञापन
narendra modi and uddhav meet on diwali.

दिवाली मिलन के बहाने 26 अक्तूबर को भाजपा और शिवसेना का पुनर्मिलन हो सकता है। दरअसल, महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच चल रही रस्साकसी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजग सांसदों और नेताओं के लिए अपने निवास पर दिवाली मिलन समारोह का आयोजन किया है। माना जा रहा है कि इस समारोह में शिवसेना प्रमुख न केवल शिरकत करेंगे, बल्कि गिले शिकवे भी दूर करेंगे।

विज्ञापन


चुनाव नतीजे आने के बाद प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को रात्रिभोज दिया था। उसमें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल शिवसेना के इकलौते मंत्री अनंत गीते ने शिरकत कर सुलह की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए थे। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे के सवाल पर शिवसेना-भाजपा की ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी। हालांकि चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद दोनों दल फिर से एक साथ आने की तैयारियों में जुटे हैं।
विज्ञापन


शिवसेना सूत्रों ने भी पीएम के भोज में उद्धव के शिरकत करने की संभावना की पुष्टि की है। माना जा रहा है भोज के दौरान प्रधानमंत्री और उद्धव के बीच बातचीत के बाद न केवल महाराष्ट्र में सरकार गठन का रास्ता साफ हो सकता है, बल्कि विधानसभा चुनाव से पहले टूटी दोस्ती फिर से कायम हो सकती है। संभवत: इन्हीं संभावनाओं के मद्देनजर भाजपा ने अपने विधायक दल की बैठक इस भोज से एक दिन पहले बुलाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


माना जा रहा है कि उद्धव और मोदी की मुलाकात के पहले दोनों ही ओर से दोस्ती का हाथ बढ़ाने का माहौल तैयार कर लिया जाएगा। भाजपा सूत्रों का कहना है कि बहुत संभव है कि इस मुलाकात से पहले ही दोनों दल फिर से साथ आ जाएं और उद्धव और मोदी की मुलाकात गर्मजोशी भरे माहौल में हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो भोज के दौरान ही दोनों दलों में सुलह सफाई हो सकती है।

राजनाथ, सुषमा के सहारे मोदी को मनाने में जुटी शिवसेना

narendra modi and uddhav meet on diwali.

महाराष्ट्र में अपने दम पर सरकार गठन की भाजपा की तैयारी के बाद शिवसेना बैकफुट पर आ गई है। वह भाजपा से नजदीकियां बढ़ाने और सत्ता में आने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का सहारा लेने की कोशिश कर रही है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मनाया जा सके। सूत्रों के अनुसार बुधवार को शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री में इसको लेकर काफी माथापच्ची हुई।

शिवसेना हर हाल में सत्ता से जुड़ना चाहती है। पार्टी के विधायकों का भी उस पर जबरदस्त दबाव है। इसलिए शिवसेना यह रास्ता निकालने में जुटी है कि जब उद्धव ठाकरे की प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में मुलाकात हो, तब किस तरह की बातचीत हो, जिससे मोदी मान जाएं। चुनाव के दौरान मोदी ने शिवसेना के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोलने की प्रतिज्ञा की थी, जिसका उन्होंने अब तक पालन किया है। लेकिन शिवसेना सारी हदें पार कर गई।

चुनाव प्रचार के दौरान शिवसेना ने मोदी को अफजल खान के रूप में प्रचारित किया। इतना ही नहीं शिवसेना के हिंदी मुखपत्र दोपहर के सामना में मोदी के पिता दामोदरदास मोदी पर भी टिप्पणी की गई थी। शिवसेना ने इतनी अधिक गलतियां की हैं जिसका उसके पास जवाब नहीं है। शिवसेना ने राजनाथ और सुषमा को इसलिए माध्यम बनाने पर विचार किया है क्योंकि दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के जीवित रहते दोनों नेताओं के शिवसेना से अच्छे संबंध रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed