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यह जोड़ी लगाएगी भाजपा की चुनावी वैतरणी पार
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2013 02:26 AM IST
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कांग्रेस के चुनावी मोड में आने के साथ ही भाजपा ने भी लोकसभा के चुनावी महाभारत के लिए ताल ठोक दी है।
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पार्टी ने कहा है कि यदि कांग्रेस जल्द चुनाव कराती है तो वह भी तैयार है। पार्टी ने नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की जोड़ी को इस बार लोकसभा की चुनावी वैतरणी पार लगाने का जिम्मा सौंपा है।
यह जोड़ी मिलकर चुनावी महाभारत में कांग्रेस को शिकस्त देने के लिए चुनावी अभियान की रणनीति तैयार करेगी और राजनीतिक व संगठनात्मक स्तर पर अमल भी कराएगी।
भाजपा की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था केंद्रीय संसदीय बोर्ड की सोमवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह की मुलाकात के बाद हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में मोदी के साथ पार्टी अध्यक्ष राजनाथ को भी चुनाव अभियान से जोड़ दिया गया है, जबकि पिछली बैठक में अकेले मोदी को ही पूरे अधिकार देने की बात हुई थी।
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खास बात यह है कि आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली आदि बड़े नेता निर्णय लेने की प्रक्रिया से दूर ही रहेंगे। हालांकि भाजपा की दलील है कि नीतिगत फैसलों के लिए इस जोड़ी को संसदीय बोर्ड के पास आना होगा।
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बैठक के बाद पार्टी महासचिव अनंत कुमार ने कहा कि मोदी और राजनाथ को अधिकृत किया गया है कि वे दोनों मिल कर चुनाव के लिए रणनीतिक ढांचा तैयार करके चुनावी अभियान को आगे बढ़ाएं।
मोदी के नेतृत्व वाली चुनाव अभियान समिति के लिए भी सदस्य यही जोड़ी तय करेगी। चुनाव प्रबंधन, प्रचार से लेकर घोषणापत्र तैयार करने के लिए कमेटियां बनेंगी। यह जोड़ी दो स्तरों राजनीतिक व संगठनात्मक तौर पर काम करेगी।
यही जोड़ी राजनीतिक तौर पर तय करेगी कि पार्टी की रैलियां, सभाएं, विभिन्न समुदायों के साथ बैठकें आदि कहां-कहां और कब की जाएं। रैलियों में किन किन नेताओं को भेजा जाए आदि।
भाजपा देशभर में लगभग सौ चुनावी रैलियां करेगी। संगठनात्मक तौर पर प्रदेश, जिला, मंडल से लेकर बूथ लेबल तक की कमेटियों को सक्रिय किया जाएगा। बैठक में मोदी समेत लगभग सभी सदस्य मौजूद थे। कांग्रेस के खिलाफ देशभर में आक्रामक अभियान चलाने का भी फैसला पहले ही हो चुका है।
अनंत कुमार ने कहा कि पार्टी आक्रामक चुनावी मोड में आ चुकी है। चुनाव की तैयारियों पर नजर रखने और उसे आगे बढ़ाने के लिए संसदीय बोर्ड सहित इस अभियान के बनाई जाने वाली विभिन्न समितियों की हर हफ्ते या 10 दिन के भीतर बैठकें होंगी।
सुशासन और विकास होगा मुख्य चुनावी मुद्दा
संसदीय बोर्ड ने फैसला किया है कि लोकसभा चुनाव में सुशासन और विकास को ही मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा।