फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Narendra Modi and Amit Shah to Overcome Fanatical Image of BJP; Attempts to Lure Muslims

मोदी बोले अल्लाह और अजान पर खामोश हुए शाह, क्यों?

Mon, 01 Dec 2014 03:53 PM IST
Updated Mon, 01 Dec 2014 03:53 PM IST
विज्ञापन
Narendra Modi and Amit Shah to Overcome Fanatical Image of BJP; Attempts to Lure Muslims

क्या मोदी और उनकी पार्टी कट्टर हिंदू छवि से निकलना चाहती है? ये सवाल इसलिए क्यों पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपनी रैलियों में अपनी कट्टर छवि को तोड़ते दिखाई दिए।

विज्ञापन


पिछले दिनों जब मोदी कश्मीर में चुनाव प्रचार कर रहे थे तो उन्होंने अल्लाह शब्द का उच्चारण किया। उन्होंने कहा था कि,"अल्लाह ताला ने कश्मीर को चिनाब नदी दी लेकिन फिर भी यहां के लोग प्यासे क्यों हैं।"
विज्ञापन


रविवार को कोलकाता में रैली के दौरान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अचानक चुप हो गए और समर्थकों को भी चुप होने का इशारा किया। दरअसल वहां अजान की आवाज आ रही थी जिसके सुनाई देते ही शाह चुप हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब सोशल मीडिया में भी इस बदली इमेज को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ये दोनों घटनाएं जिन जगहों की हैं वह मुस्लिम बहुल हैं। कश्मीर में चुनाव जारी हैं तो पश्चिम बंगाल में पार्टी खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

हिंदू राष्ट्रवादी छवि रही है मोदी की

Narendra Modi and Amit Shah to Overcome Fanatical Image of BJP; Attempts to Lure Muslims

कश्मीर में मोदी ने कच्छ का उदाहरण दिया था और बताया था कि गुजरात में मुस्लिम कैसे खुशहाल बने। उन्होंने कहा था कि,"कच्छ गुजरात का सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाला जिला है, मैं जब वहां गया और विकास की बात की तो कच्छ देश का सबसे तेज गति से विकास करने वाला जिला बन गया। अगर कच्छ का विकास हो सकता है, तो यकीन मानिए पूरे जम्मू-कश्मीर का विकास हो सकता है।"

अभी तक मोदी को कट्टर हिंदू छवि वाला नेता माना जाता था। आपको याद होगा कि उन्होंने एक मुस्लिम टोपी पहनने से इंकार कर दिया था और पूरी दुनिया में इस खबर ने चर्चाएं बटोरी थीं। इसके बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे हिंदू राष्ट्रवादी हैं। गुजरात दंगों में उनकी भूमिका को भी लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं।

अमित शाह भी कट्टर हिंदू नेता माने जाते हैं। यूपी में लोकसभा चुनाव से पहले अपने एक बयान 'सम्मान की लड़ाई' को लेकर भी वह चर्चाओं में आ गए थे। उनके विरोधी उन पर आरोप लगाते हैं कि चुनाव से पहले धार्मिक भावनाएं भड़काने में वे माहिर हैं।

अब बदल रहे हैं अपनी छवि?

Narendra Modi and Amit Shah to Overcome Fanatical Image of BJP; Attempts to Lure Muslims

मोदी ने अपनी अमेरिका यात्रा से पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि,"भारतीय मुसलमान देशभक्त हैं और इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है। भारतीय मुसलमान भारत के लिए ही जिएंगे और मरेंगे।"

दो दिन पहले भी गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि,"आतंकी संगठन समझते हैं कि भारत के मुस्लिमों में से कुछ को अपने गुटों में शामिल कर लेंगे, लेकिन भारतीय मुसलमान देशभक्त हैं और आजादी के बाद से ही वे अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। भारतीय मुसलमान हमेशा से ही देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए लड़ने के लिए तैयार रहे हैं इसलिए ये आतंकवादी संगठन सफल नहीं हो पाएंगे।"

बीजेपी के अन्य नेता भी अब कट्टर हिंदूत्व वाली राजनीति से परहेज कर रहे हैं और इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या मोदी और बीजेपी की छवि बदल पाएगी और मुसलमान पार्टी से जुड़ेंगे?

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed