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ब्रिटिश संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय पीएम बने मोदी

Thu, 12 Nov 2015 10:50 PM IST
Updated Thu, 12 Nov 2015 10:50 PM IST
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Narendra Modi addressed British Parliament

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरूवार को ब्रिटिश संसद को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत करते हुए उन्होंने स्पीकर का धन्यवाद दिया। दोनों देशों के संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के निर्माण में अहम योगदान निभाने वाले अधिकतर भारतीय ब्रिटेन में पढ़े हैं जिन्होंने भारत को आधुनिक बनाया।

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मोदी ने कहा कि यह गर्व करने वाली बात है कि ब्रिटेन आज भी भारत के लिए एक प्रेरणा का श्रोत बना हुआ है। चाहे वह विज्ञान का क्षेत्र हो, खेल का हो या फिर कला का।
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उन्होंने कहा कि ब्रिटिश संसद के बाहर गांधी की प्रतिमा हमारे लिए एक गर्व की बात है। मैं यहां भारतीय नेतृत्व का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं और मुझे खुशी है कि भारत-ब्रिटेन कई क्षेत्रों में एक साथ काम कर रहे हैं। दोनों देश रक्षा के क्षेत्र में भी एक साथ काम कर रही हैं और कई अभ्यास कार्यक्रमों में दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
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उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र की बात करते हुए कहा कि आज भी हजारों की संख्या में भारतीय यहां पढ़ने आते हैं। ब्रिटेन भारतीय छात्रों के पसंदीदा देशों में है। आशा करता हूं कि हजारों की संख्या में भारतीय युवक यहां स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत आएंगे और सूचना तकनीक के बारे में सिखेंगे। उन्होंने कहा की आज भारत संभावनाओं से भरा देश है। पूरी दुनिया आज भारत की ओर देख रही है। इस  दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना का भी जिक्र किया।

एक साथ मिलकर करेंगे काम

Narendra Modi addressed British Parliament

भारत में तीसरा बड़ा निवेशक देश है ब्रिटेन। उन्होंने कहा कि दोनों देश तकनीक के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में निजी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा भारतीय काम कर रहे हैं।

मोदी ने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने की दिशा में भारत अहम योगदान निभा रहा है और इस दिशा में ब्रिटेन के योगदान की जरूरत है।

संसद को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों को एक साथ मिलकर काम कर चाहिए। भारत में आज भी कई ऐसे गांव हैं जहां अभी बिजली की सुविधा नहीं है। ऐसे गांवों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली पहुंचाई जा सकती है।

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