मोदी सरकार के मंत्री ने राहुल गांधी को बताया 'गूंगा गुड्डा'
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बढ़ती सियासी तल्खी के बीच सियासी दल और उसके नेता भाषा की मर्यादा को भी ताक पर रखने से परहेज नहीं बरत रहे। विदेश मंत्री पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष के तीखे हमले से तिलमिलाई भाजपा ने राहुल को 'मनहूस' बताने के बाद अब 'गूंगा गुड्डा' करार दिया है।
इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गया रैली के मंच से राजग नेता शकुनी चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'सबसे बड़ा लुच्चा' करार दिया।
पीएम मोदी ने जदयू का नया नाम 'जनता का दमन और उत्पीड़न' दिया तो नीतीश ने भी तत्काल भाजपा का नया नामकरण करते हुए इसे 'बड़का झुट्ठा पार्टी 'बताया।
पीएम का दिमाग खराब
अपने कार्यकाल की तुलना जंगलराज से किए जाने से आहत राजद सुप्रीमो लालू
प्रसाद ने पीएम मोदी की भाषा पर सवाल उठाए और लगे हाथ यह भी कह दिया कि
पीएम का दिमाग खराब हो गया है।
मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष की
भ्रष्टाचार के मोर्चे पर जारी सियासी जंग और निकट भविष्य में होने वाले
बिहार विधानसभा चुनाव के सियासी महाभारत में फिलहाल भाषा की मर्यादा बने
रहने के आसार नहीं दिख रहे।
उल्लेखनीय है कि सियासी तल्खी तब अचानक तेज हुई
जब ललित गेट पर सफाई देते हुए सुषमा ने सोनिया से पूछा कि कैंसर पीड़ित
महिला की मदद की गुहार पर उनकी जगह अगर वह खुद होतीं तो क्या करतीं।
सोनिया ने सुषमा पर कसा था तंज
इस पर
सोनिया ने जहां सुषमा को नाटक करने में माहिर करार दिया, वहीं राहुल ने
कटाक्ष करते हुए कहा कि सुषमा को बताना चाहिए कि ललित मोदी की मदद करने के
लिए उन्हें कितने पैसे मिले।
ललित गेट और व्यापम घोटाले पर मचे
सियासी महाभारत में अब सियासी दल भाषा की मर्यादा का ख्याल नहीं रख रहे।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के राहुल को मनहूस बताए जाने के एक दिन बाद
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल को गूंगा गुड्डा करार दिया।
अपने ब्लॉग के माध्यम पर राहुल पर सीधा निशाना साधते हुए नकवी ने लिखा कि
संसद का गूंगा गुड्डा, सड़क का सुरमा बनने की कोशिश में घर (संसद) का न घाट
(सड़क) का की स्थिति में आ गया है।
राहुल नहीं समझ पा रहे हकीकत!
संसद और सड़क की सियासत जन सरोकार और
देश के विकास के मुद्दों के इर्द-गिर्द सिमटी हुई होती है, मगर पर संसदीय
लोकतंत्र का यह पहला मौक़ा है जब ग्रैंड ओल्ड पार्टी के ब्रैंड न्यू लीडर न
सड़क की हक़ीक़त समझ पा रहे हैं, न संसद का महत्व।
ग्रैंड ओल्ड पार्टी के
ब्रैंड न्यू लीडर राहुल बाबा का नॉनसेंस से न्यूसेंस तक का राजनैतिक सफर
संसदीय सोच और सड़क की समझ से कोसों दूर है।
दिल्ली की सियासत से
दूर विधान सभा के मुहाने पर खड़े बिहार में भी सभी दल भाषा की मर्यादा
लांघते दिखे। पीएम मोदी की मंच पर राजग नेता शकुनी चौधरी ने सूबे के सीएम
नीतीश को सबसे बड़ा लुच्चा करार दिया।
मिला जदयू को नया नाम
खुद पीएम ने बिहार के नेताओं को
उल्टा लोटा ले कर खड़ा रहने वाला बताया तो जदयू को नया नाम भी दे दिया।
सियासी पलटवार के दौरान जदयू और राजद ने भी भाषा की मर्यादा का ध्यान नहीं
रखा। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने जहां पीएम मोदी की मानसिक स्थिति पर
सवाल खड़े किए, वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जेल यात्रा की चर्चा करते
हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की।