फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   nancy meet narendra modi

मोदी से मिली अमेरिकी राजूदत नैंसी पावेल

Thu, 13 Feb 2014 01:42 PM IST
Updated Thu, 13 Feb 2014 01:42 PM IST
विज्ञापन
nancy meet narendra modi

जब भारतीय आम चुनाव को कुछ ही महीने रह गए हैं भारत में अमेरिका की राजदूत नैंसी पॉवेल ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है।

विज्ञापन


ये मुलाक़ात गांधी नगर में गुजरात के मुख्यमंत्री के निवास पर हुई। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक़ इस मुलाक़ात के बाद अमेरिका का नरेंद्र मोदी का क़रीब एक दशक पुराना बहिष्कार ख़त्म हो गया है।
विज्ञापन


मोदी को नहीं दिया है अभी अमेरिका ने वीजा

nancy meet narendra modi

अमेरिका गुजरात के मुख्यमंत्री को अबतक वीज़ा देने से भी मना करता रहा है। हालांकि अमे‌रिकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राजदूत की मुलाक़ात का वीज़ा नीति पर कोई असर नहीं होगा।

माना जा रहा है कि आने वाले आम चुनावों में नरेंद्र मोदी की जीत की संभावना को ध्यान में रखते हुए अमेरिका ने बातचीत की पहल की है। इससे पहले ब्रितानी उप विदेश मंत्री और भारत में ब्रिटेन के राजदूत नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर चुके हैं।

अमेरिका ने 2002 के गुजरात दंगों की पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी को वीज़ा देने से इनकार कर दिया था। हालांकि अभी अमेरिका केवल अपने प्रतिनिधि की मोदी से मुलाकात पर सहमत हुआ है।

अमेरिका का कहना है यह मुलाकात भारत में राजनीति और कारोबार जगत के लोगों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।

इससे पहले भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने गुजरात दंगों की तुलना यहूदियों के नरसंहार से करते हुए मोदी से अमरीकी राजदूत की मुलाकात पर सवाल उठाए थे।

मोदी को नहीं दिया है अमेरिका ने वीजा

nancy meet narendra modi

अमेरिका गुजरात के मुख्यमंत्री को अबतक वीज़ा देने से भी मना करता रहा है। हालांकि अमरीकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राजदूत की मुलाक़ात का वीज़ा नीति पर कोई असर नहीं होगा।

अमेरिका ने 2002 के गुजरात दंगों की पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी को वीज़ा देने से इनकार कर दिया था। हालांकि अभी अमेरिका केवल अपने प्रतिनिधि की मोदी से मुलाकात पर सहमत हुआ है।

अमेरिका का कहना है यह मुलाकात भारत में राजनीति और कारोबार जगत के लोगों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।

अमेरिका के अलावा मोदी को लेकर यूरोपीय संघ का रुख़ भी कड़ा रहा था। हालांकि उनके रुख़ में हाल में लचीलापन आया है और ब्रितानी और यूरोप के दूसरे राजनयिकों ने गुजरात के मुख्यमंत्री से मेलजोल बढ़ाया है।

मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि मोदी ने गुजरात में साल 2002 के हुए दंगों में उदासीन रवैया अपनाया था।

मोदी ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहते रहे हैं कि जाँच में भी उनके ख़िलाफ़ कोई आरोप साबित नहीं हुआ है।

शीतयुद्ध की समाप्ति के बाद से भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मज़बूत हो रहे हैं और इसे अधिकांश अमरीकी सांसदों का समर्थन हासिल है। जानकारों का मानना है कि पॉवेल की मोदी के साथ मुलाक़ात से यह संदेश जाएगा कि अमेरिका उन्हें वीज़ा जारी करने को तैयार है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed