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दवाओं से जुड़ी बड़ी खबर, आम जनता को होगा इसका फायदा

Sun, 02 Aug 2015 07:57 AM IST
Updated Sun, 02 Aug 2015 07:57 AM IST
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name of medicine will be in capital letters now

डॉक्टर को हर मरीज की पर्ची पर किसी भी दवा का नाम कैपिटल लेटर्स में लिखना होगा। इसे सख्ती से लागू करने को भारत सरकार कानूनी प्रावधान करने जा रही है। यह व्यवस्था अभी कानूनन अनिवार्य नहीं थी।

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इसके लिए इंडियन मेडिकल काउंसिल रेगुलेशन में बदलाव किया जा रहा है। इसके बदलते ही देश के तमाम राज्यों में नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।

दवाओं के ब्रांडेड नाम लिखने वाले डॉक्टरों के लिए यह बड़ा झटका होगा। इससे दवा कंपनियों से कमीशनखोरी पर जहां रोक लगेगी, वहीं आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
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भारत सरकार में संयुक्त सचिव स्वास्थ्य शिक्षा अली रजा रिजवी ने इस संबंध में 28 जुलाई को एक पब्लिक नोटिस जारी किया है।

रिजवी इससे पहले प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव भी रह चुके हैं। उन्होंने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से पब्लिक नोटिस जारी कर इस पर आम लोगों से सुझाव और फीडबैक मांगा है।

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रेगुलेशन में कहां होना है बदलाव

name of medicine will be in capital letters now

वर्तमान में डॉक्टर भारतीय मेडिकल काउंसिल (प्रोफेशनल कंडक्ट, एटीकेट एंड एथिक्स) रेगुलेशन 2002 की धारा 1.5 के यूज ऑफ जेनरिक नेम्स ऑफ ड्रग्स के तहत ऐसा करने के लिए बाध्य नहीं हैं।

इसमें लिखा गया है कि अगर संभव हो तो डॉक्टर को किसी भी दवा का जेनरिक नाम ही प्रेस्क्राइब करना चाहिए। अब इसी धारा में बदलाव कर यह प्रावधान किया जा रहा है कि हर डॉक्टर दवाओं को जेनरिक नाम के साथ प्रिस्क्राइब करेगा। इसे स्पष्टता और अधिमान देकर कै पिटल लेटर्स में लिखना होगा।

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