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पोंटी चड्ढा हत्याकांडः नामधारी की पिस्तौल जब्त

Sun, 25 Nov 2012 12:31 PM IST
नई दिल्ली /इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली /इंटरनेट डेस्क Updated Sun, 25 Nov 2012 12:31 PM IST
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namdhari pistol seized in ponti chadha murder

दिल्ली पुलिस ने छतरपुर फार्महाउस गोलीकांड में इस्तेमाल की गई सुखदेव सिंह नामधारी की पिस्तौल उसके उत्तराखंड के बाजपुर स्थित आवास से बरामद कर ली है। बाजपुर पुलिस क्षेत्राधिकारी जीसी टम्टा ने बताया कि दिल्ली पुलिस की टीम सुबह नामधारी को लेकर उसके आवास पर पहुंची और उसकी निशानदेही पर भारत में बनी हुई 7.62 एमएम की पिस्तौल बरामद कर ली। टम्टा ने बताया कि इस पिस्तौल का लाइसेंस पंजाब राज्य का बना हुआ है।

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नामधारी ने रची शूटआउट की साजिश
जिस शूटआउट में शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा और उनके भाई हरदीप चड्ढा मारे गए, उसकी पूरी साजिश उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी ने रची थी। हरदीप पर तो नामधारी ने ही अपनी पिस्टल से गोली चलाई। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को अदालत में यह खुलासा किया। अदालत ने नामधारी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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नामधारी से पूछताछ में चड्ढा बंधु हत्याकांड में कई खुलासे हुए हैं। पोंटी ने फार्महाउस पर कब्जा करने के लिए नामधारी को एक दिन पहले ही फोन कर दिया था। पुलिस का कहना है कि नामधारी ने घटनास्थल पर .30 के लाइसेंसी रिवॉल्वर से हरदीप चड्ढा पर तीन राउंड फायरिंग की थी। फोरेंसिक जांच, गन शॉट रेसिड्यू (जीएसआर) में भी नामधारी के हाथों में गन पाउडर मिलने की बात सामने आई है।
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वहीं, साकेत अदालत स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संदीप गर्ग के समक्ष पुलिस की अपराध शाखा ने नामधारी को पेश किया। जांच अधिकारी मनोज चौधरी ने अदालत को बताया कि नामधारी ने पूछताछ में हरदीप पर गोली चलाने की बात स्वीकार की है। चौधरी ने कहा कि हत्याकांड में भूमिका का पता लगने पर जब पुलिस ने संपर्क किया तो नामधारी ने अपना फोन बंद कर लिया और भूमिगत हो गए। काफी प्रयास के बाद उन्हें उधमसिंह नगर के बाजपुर से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में नामधारी ने अपना अपराध तो कबूल कर लिया, मगर अपनी पिस्टल की जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि यह एक हजार करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा मामला है और इस मामले में कई अन्य लोग भी लिप्त हैं। इसलिए नामधारी से आगे पूछताछ करने की जरूरत है। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि नामधारी के खिलाफ 1993 से 2009 के बीच 26 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

अदालत ने अपराध की गंभीरता, विस्तृत पूछताछ व पिस्टल की बरामदगी के लिए नामधारी को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। हालांकि इससे पहले नामधारी के वकील ने रिमांड पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है और उन्होंने किसी पर गोली नहीं चलाई। नामधारी को अब 28 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

खुलासा एक: हाथों में मिला गन पाउडर
पुलिस के मुताबिक चड्ढा बंधुओं की हत्या होने के बाद जब नामधारी महरौली थाने में एफआईआर दर्ज कराने गए थे तो उसी समय पुलिस ने जीएसआर जांच के लिए उनके हाथ धुलवा लिए थे। इस जांच में नामधारी के हाथों में गन पाउडर लगे होने की बात सामने आई है।

खुलासा दो: तीन राउंड फायरिंग की थी
नामधारी ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने लाइसेंसी रिवॉल्वर से तीन राउंड फायरिंग की थी। लेकिन उन्हें पता नहीं कि गोलियां किसी को लगी हैं या नहीं। हालांकि, हरदीप को लगी गोलियां 9 एमएम की हैं। पोंटी के मैनेजर भूपेंद्र सिंह विष्ट ने भी कहा है कि उसने नामधारी को गोली चलाते हुए देखा था।


खुलासा तीन : ड्राइवर को रिवॉल्वर देकर भगाया
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद नामधारी ने लाइसेंसी रिवॉल्वर ड्राइवर बख्शीश सिंह को देकर मौके से भगा दिया था। पुलिस को रिवॉल्वर नहीं मिली है। पुलिस ने अदालत में दलील दी है कि उत्तराखंड स्थित फार्महाउस में नामधारी ने पिस्टल छिपा रखी है।

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