फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   namdhari confesses to firing at ponty Chadha brother hardeep

नामधारी ने ही रची थी शूटआउट की साजिश

Sun, 25 Nov 2012 01:14 AM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा/नई दिल्ली Updated Sun, 25 Nov 2012 01:14 AM IST
विज्ञापन
namdhari confesses to firing at ponty Chadha brother hardeep

जिस शूटआउट में शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा और उनके भाई हरदीप चड्ढा मारे गए, उसकी पूरी साजिश उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह नामधारी ने रची थी। हरदीप पर तो नामधारी ने ही अपनी पिस्टल से गोली चलाई। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को अदालत में यह खुलासा किया। अदालत ने नामधारी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

विज्ञापन


नामधारी से पूछताछ में चड्ढा बंधु हत्याकांड में कई खुलासे हुए हैं। पोंटी ने फार्महाउस पर कब्जा करने के लिए नामधारी को एक दिन पहले ही फोन कर दिया था। पुलिस का कहना है कि नामधारी ने घटनास्थल पर .30 के लाइसेंसी रिवॉल्वर से हरदीप चड्ढा पर तीन राउंड फायरिंग की थी। फोरेंसिक जांच, गन शॉट रेसिड्यू (जीएसआर) में भी नामधारी के हाथों में गन पाउडर मिलने की बात सामने आई है।
विज्ञापन


वहीं, साकेत अदालत स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संदीप गर्ग के समक्ष पुलिस की अपराध शाखा ने नामधारी को पेश किया। जांच अधिकारी मनोज चौधरी ने अदालत को बताया कि नामधारी ने पूछताछ में हरदीप पर गोली चलाने की बात स्वीकार की है। चौधरी ने कहा कि हत्याकांड में भूमिका का पता लगने पर जब पुलिस ने संपर्क किया तो नामधारी ने अपना फोन बंद कर लिया और भूमिगत हो गए। काफी प्रयास के बाद उन्हें उधमसिंह नगर के बाजपुर से गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूछताछ में नामधारी ने अपना अपराध तो कबूल कर लिया, मगर अपनी पिस्टल की जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि यह एक हजार करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा मामला है और इस मामले में कई अन्य लोग भी लिप्त हैं। इसलिए नामधारी से आगे पूछताछ करने की जरूरत है। जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि नामधारी के खिलाफ 1993 से 2009 के बीच 26 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

अदालत ने अपराध की गंभीरता, विस्तृत पूछताछ व पिस्टल की बरामदगी के लिए नामधारी को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया। हालांकि इससे पहले नामधारी के वकील ने रिमांड पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि उनके मुवक्किल को फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है और उन्होंने किसी पर गोली नहीं चलाई। नामधारी को अब 28 नवंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

खुलासा एक: हाथों में मिला गन पाउडर
पुलिस के मुताबिक चड्ढा बंधुओं की हत्या होने के बाद जब नामधारी महरौली थाने में एफआईआर दर्ज कराने गए थे तो उसी समय पुलिस ने जीएसआर जांच के लिए उनके हाथ धुलवा लिए थे। इस जांच में नामधारी के हाथों में गन पाउडर लगे होने की बात सामने आई है।

खुलासा दो: तीन राउंड फायरिंग की थी
नामधारी ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने लाइसेंसी रिवॉल्वर से तीन राउंड फायरिंग की थी। लेकिन उन्हें पता नहीं कि गोलियां किसी को लगी हैं या नहीं। हालांकि, हरदीप को लगी गोलियां 9 एमएम की हैं। पोंटी के मैनेजर भूपेंद्र सिंह विष्ट ने भी कहा है कि उसने नामधारी को गोली चलाते हुए देखा था।


खुलासा तीन : ड्राइवर को रिवॉल्वर देकर भगाया
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद नामधारी ने लाइसेंसी रिवॉल्वर ड्राइवर बख्शीश सिंह को देकर मौके से भगा दिया था। पुलिस को रिवॉल्वर नहीं मिली है। पुलिस ने अदालत में दलील दी है कि उत्तराखंड स्थित फार्महाउस में नामधारी ने पिस्टल छिपा रखी है। इसके अलावा यूपी व उत्तराखंड में दबिश देनी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed