मुसलमानों को आरक्षण के खिलाफ मोदी की मंत्री नजमा?
मोदी सरकार का लक्ष्य मुसलमानों को आरक्षण दिलाना नहीं, बल्कि उनका सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास कर अवसरों में बराबरी का हक दिलाने का है। यह बात केंद्र में अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला ने बुधवार को वूमेंस प्रेस क्लब में कही।
नजमा ने मुसलमानों को आरक्षण देने की पहल करने से साफ इनकार किया और कहा कि इससे अरसे से पिछड़े इस समुदाय की वास्तविक तरक्की नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को महज 5 फीसदी आरक्षण ही क्यों?
हमारी सरकार इस बिरादरी को इस लायक बनाना चाहती है कि वे सौ फीसदी अवसरों के लिए अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर सकें। नजमा ने इस दौरान सरकार के मंत्रियों, पार्टी के सांसदों-नेताओं और संघ परिवार की ओर से लगातार दिए जा रहे भड़काऊ बयानों पर टिप्पणी करने से भी इनकार किया।
पांच साल बाद खुद बदलाव महसूस करेंगे मुसलमान
उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार सबका साथ, सबका विकास की नीति पर चल रही है। नजमा ने दावा किया कि मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के लिए अपने घोषणा पत्र में किए गए एक-एक वादे को निभाएगी और पांच साल बाद खुद यह समुदाय परिवर्तन महसूस करेगा।
उन्होंने बताया कि पीएम ने अपने वादे के अनुरूप अल्पसंख्यकों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए कई प्रयास किए हैं। उन्हीं के दिशा-निर्देश के तहत अल्पसंख्यकों को तकनीकी शिक्षा देने के लिए मानस योजना शुरू की गई है।
कहा की केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का असर जल्द ही धरातल पर दिखाई देगा। इन योजनाओं से देश को तरक्की की दिशा भी मिल सकेगी।