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आंगनबाड़ी केंद्रों पर नेलपॉलिश, लंबे नाखून पर पाबंदी

Fri, 03 Jan 2014 12:02 AM IST
प्रियंवदा सहाय/अमर उजाला, नई दिल्ली
प्रियंवदा सहाय/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Jan 2014 12:02 AM IST
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nail polish ban at anganwadi centres

आंगनबाड़ी केंद्रों पर खाना बनाने और परोसने वालों के लिए नेलपॉलिश, लंबे नाखून, चूड़ी, घड़ी और अंगूठी पहनने पर पाबंदी लगा दी गई है।

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भले ही यह आंगनबाड़ी केंद्रों में काम करने वाली महिलाओं को रास नहीं आए, लेकिन हाल के दिनों में विषाक्त मिड डे मील की घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए सरकार ने साज-श्रृंगार की इन चीजों को आंगनबाड़ी केंद्रों के रसोई से दूर रखने का फरमान निकाला है।

सरकारी विद्यालयों में मिलने वाले मिड डे मील के विषाक्त और संक्रमित होने की खबरों की ओर इशारा करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सभी केंद्रों पर सख्ती से इस निर्देश का पालन करने को कहा है।
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मंत्रालय की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों की रसोई व्यवस्था पर तैयार किए गए नए दिशानिर्देश में खाद्य सामग्रियों के रखरखाव की व्यवस्था करने वालों को विशेष रूप से साफ सफाई का ध्यान रखने को कहा गया है। सभी को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा गया है।
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मंत्रालय की ओर से तीन साल से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए देश में बड़े पैमाने पर समेकित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) चलाई जा रही है। जबकि आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3-6 साल के बच्चों को ताजा और गर्म भोजन और नाश्ता का प्रबंध किया जाता है।

एक अनुमान के मुताबिक इन योजनाओं से करीब 2 करोड़ 80 लाख महिलाओं और बच्चों को लाभ मिल रहा है। याद रहे कि पिछले साल जुलाई में बिहार एक प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी। बाद में मीड डे मील में कीटनाशक होने की पुष्टि की गई थी।

इन बातों का रखना होगा ध्यान
रख रखाव की व्यवस्था रखने वालों को खाने-पीने की सामग्रियों को छूते समय सिगरेट पीने, पान या सुपारी खाने से मना किया गया है। इसके अलावा महिलाएं नेलपॉलिश नहीं लगा सकतीं क्योंकि यह कृत्रिम पदार्थ खाने के साथ शरीर में जा सकते हैं।

कार्यकर्ताओं को अपने नाखून भी छोटे व साफ रखने होंगे। आर्टिफिशियल या सोने चांदी के आभूषणों को पहनने पर भी पाबंदी लगाई गई है। शौच से आने के बाद सभी स्टॉफ विशेष रूप से अपने हाथ साफ करने होंगे।


कीटनाशकों या रसोई साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाले पदार्थों को बंद कमरे में रखा जाए। जबकि इसके इस्तेमाल की विधि को विस्तार से बोतल के ऊपर भी लिखा जाए ताकि अनजाने में इसका इस्तेमाल रसोई के दूसरे काम में नहीं हो सके।

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