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पुणे म्यूजियम में नगा छात्र से विदेशियों जैसा सलूक
Updated Tue, 21 Jul 2015 12:20 PM IST
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देश में नॉर्थ-ईस्ट के निवासियों से बदसलूकी का मामला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। इसी तरह की एक घटना पुणे में देखने को मिली है।
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दरअसल पुणे के राजा दिनकर केलकर म्यूजियम घूमने गए नगालैंड के एक छात्र पी डेविड नडांग से पहले तो भारतीयता साबित करने के लिए परिचय पत्र मांगा गया, उसके बाद जब उसने ड्राइविंग लाइसेंस दिखाया जो नगालैंड सरकार ने जारी किया था।
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तो उसे न मानते हुए छात्र से वो एंट्री फीस की मांग की गई जो विदेशी सैलानियों से ली जाती है।
हमने कुछ गलत नहीं कियाःसुधानवे
इस बदसलूकी से नाराज छात्र बिना घूमे ही लौट आया। पीड़ित छात्र पुणे के एनजीओ के साथ इंटर्नशिप कर रहा है और वह घूमने के इरादे से वहां गया था।
इंडियन एक्प्रेस की खबर के अनुसार छात्र जब एनजीओ कर्मी के साथ एंट्री गेट पर पहुंचा तो उससे पहचान पत्र की मांग की गई। वह मराठी नहीं जानता था, इसलिए उसके साथ गये महाराष्ट्र निवासी एनजीओ कर्मचारी ने उसे ट्रांसलेट करके बताया। छात्र के देशभर में मान्य ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने पर म्यूजियम कर्मचारियों ने इसे ये कहते हुए मानने से इंकार कर दिया कि ये नकली भी बनाया जा सकता है और वह फीस देने को कहा जो विदेशी सैलानियों से ली जाती है।
वहीं मामले पर म्यूजियम की डायरेक्टर सुधानवा रानाडे ने कहा यह घटना तो हुई है लेकिन हमें अधिकार है कि हर आगंतुक की जानकारी करें ताकि उनका पुरा ख्याल रखा जा सके।
इंडियन एक्प्रेस की खबर के अनुसार छात्र जब एनजीओ कर्मी के साथ एंट्री गेट पर पहुंचा तो उससे पहचान पत्र की मांग की गई। वह मराठी नहीं जानता था, इसलिए उसके साथ गये महाराष्ट्र निवासी एनजीओ कर्मचारी ने उसे ट्रांसलेट करके बताया। छात्र के देशभर में मान्य ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने पर म्यूजियम कर्मचारियों ने इसे ये कहते हुए मानने से इंकार कर दिया कि ये नकली भी बनाया जा सकता है और वह फीस देने को कहा जो विदेशी सैलानियों से ली जाती है।
वहीं मामले पर म्यूजियम की डायरेक्टर सुधानवा रानाडे ने कहा यह घटना तो हुई है लेकिन हमें अधिकार है कि हर आगंतुक की जानकारी करें ताकि उनका पुरा ख्याल रखा जा सके।