मोदी-ओबामा की मुलाकात में ये 5 मुद्दे होंगे अहम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मौजूदा वर्ष में दूसरी बार शिखर वार्ता करने जा रहे है। प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका की यात्रा का फोकस न सिर्फ सिलिकॉन वैली के सीईओ से मिलने पर होगा बल्कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र के नेताओं के एजेंडे में आर्थिक, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, हाई इंड टेक्नोलॉजी और डिजिटल वर्टिकल भी अहम होगा।
अमेरिका ने नरेंद्र मोदी की पहल मेक इन इंडिया से जुड़ने और देश में 100 शहरों को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने की परियोजना में अहम भूमिका निभाने की इच्छा जताई है।
अमेरिका की सरकार, भारतीय अधिकारी और अमेरिका में बड़ी संख्या में रह रहे अप्रवासी भारतीय प्रधानमंत्री की यात्रा और राष्ट्रपति ओबामा के साथ उनकी बैठक को भारत अमेरिका रिश्तों को अगले स्तर पर ले जाने के लिए बड़ा अवसर मानते हैं। प्रधानमंत्री 27 सितंबर को सिलिकॉन वैली सीईओ और एनआरआई को सैन जोस में संबोधित करेंगे और 28 सितंबर को न्यूयार्क में ओबामा से मुलाकात करेंगे।
चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टरों की खरीद पर हो सकती है चर्चा
दोनों देशों के बीच अगले सप्ताह वाणिज्य, व्यापार और ऊर्जा पर द्विपक्षीय रणनीतिक विचार विमर्श की योजना बनाई जा रही है और इसको लेकर इस समय तैयारियां जोरों पर हैं। सिलिकॉन वैली के दौरे के समय फोकस डिजिटल इंडिया के साथ इस बात पर भी होगा कि किस तरह से भारतीय समुदाय और अमेरिका के तकनीकी दिग्गज भारत के सपने को साकार करने में मदद कर सकते हैं।
मोदी एप्पल के सीईओ, टिम कुक, माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्या नाडेला और गूगल हेड सुंदर पिचाई सहित कुछ अन्य लोगों के साथ मुलाकात कर सकते हैं।
दोनों देशों के बीच शिखर वार्ता के दौरान एजेंडे में लंबे समय से लंबित बोइंग स्टेबल से चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टरों की खरीद सहित रक्षा से जुड़े मुद्दे अहम होंगे। इसके अलावा मोदी व ओबामा के बीच सीमा प्रबंधन और निगरानी के लिए यूएवी के संभावित निर्यात पर भी बातचीत हो सकती है। भारत ने इसके लिए इजरायल से कई उपकरण खरीदे हैं लेकिन वह अब अमेरिका की कंपनियों से अत्याधुनिक तकनीक से लैस ड्रोन चाहता है।
अमेरिका-भारत बिजनेस काउंसिल को संबोधित करेंगे पीएम
अमेरिका के उप राष्ट्रपति जो बिडेन, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जॉन कैरी, भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और दोनों सरकारों के उच्च स्तरीय अधिकारी और इंडस्ट्री लीडर वाशिंगटन डीसी में 21 सितंबर को अपनी 40 वीं वर्षगांठ पर अमेरिका-भारत बिजनेस काउंसिल को संबोधित करेंगे।
इसके साथ ही भारत अमेरिका स्ट्रेटेजिक एवं कॉमर्शियल डायलाग की शुरुआत होगी। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री पेनी प्रित्जकर, वाणिज्य राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, ऊर्जा, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल दोनों देशों के बिजनेस लीडर्स के साथ इस डायलाग में शामिल होंगे।
लंबे समय से अधर में लटकी बाइलैटरल इन्वेंस्टमेंट ट्रीटी (बीआईटी) पर भी बातचीत होने की संभावना है। मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका डायलाग भारत में स्मार्ट सिटी और इससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने, भारतीय और अमेरिकी कारोबारियों के लाभ के लिए भारत में कारोबारी माहौल को मजबूत करने और व्यापार बढ़ाने के उत्पादों के मानकीकरण पर पर फोकस रहेगा। इसके अलावा डायलाग में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप में बेहतर प्रैक्टिसेज विकसित करने पर भी फोकस किया जाएगा।