फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Mysore Lab will test Maggi samples, directs Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, मैगी के नमूनों की जांच अब मैसूर लैब में

Wed, 16 Dec 2015 10:25 PM IST
Updated Wed, 16 Dec 2015 10:25 PM IST
विज्ञापन
Mysore Lab will test Maggi samples, directs Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) में मैगी मामले की जांच पर रोक लगा दी है। अब यह मामला शीर्ष अदालत में चलेगा। साथ ही कोर्ट ने मैगी के नमूनों की जांच मैसूर लैब में कराने के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन


सरकार ने अनुचित व्यापार व्यवहार के आरोप में नूडल्स कंपनी पर 640 करोड़ रुपये का वाद दायर किया है। इस पर सुनवाई के दौरान 10 दिसंबर को कमीशन ने मैगी के 16 और नमूनों की जांच चेन्नई में कराने के निर्देश दिए थे ताकि लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेट की मात्रा तय की जा सके।
विज्ञापन


बुधवार को जस्टिस दीपक मिश्रा और प्रफुल्ल सी पंत की पीठ ने कहा कि सुनवाई के दौरान नेस्ले और केंद्र इस बात से सहमत हैं कि पहली चिंता स्वास्थ्य को लेकर है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 के मानकों को पूरा करने के लिए परीक्षण किया जाना है। मैसूर में सभी टेस्ट के लिए उपकरण हैं और नमूने वहां भेजे जाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

चेन्नई की लैब नमक-लेड टेस्ट के लिए मान्यता प्राप्त नहीं

Mysore Lab will test Maggi samples, directs Supreme Court

अदालत ने आदेश दिया कि एनसीडीआरसी द्वारा नियुक्त लोकल कमिश्नर पूर्व में लिए गए नमूनों को जांच के लिए भेजेंगे और इसकी रिपोर्ट शीर्ष अदालत के सम्मुख प्रस्तुत की जाएगी।

सुनवाई के दौरान नेस्ले इंडिया लिमिटेड की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने एनसीडीआरसी के नमूनों को चेन्नई भेजने के निर्देश का विरोध किया। उन्होंने कहा कि चेन्नई की लैब नमक तथा लेड टेस्ट के लिए मान्यता प्राप्त नहीं है।

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी की ओर से इसका कड़ा विरोध किया गया। हालांकि बाद में दोनों पक्ष मैसूर में टेस्ट के लिए राजी हो गए। मामले की अगली सुनवाई अगले साल जनवरी में होगी।

इसे एफएसएसएआई द्वारा बांबे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका के साथ 13 जनवरी को लिस्टेड किया गया है। हाईकोर्ट ने 13 अगस्त को मैगी के नौ वैरिएंट्स से प्रतिबंध हटा दिया था और कंपनी को नए सिरे से टेस्ट करने के आदेश दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed