म्यांमार ऑपरेशन से खिसियाए पाक ने दिया ये बयान
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म्यांमार ऑपरेशन के बाद लगातार बयानबाजी का दौर जारी है। भारत ने जिस तरह से आतंकियों के खात्मे के लिए म्यांमार में कार्रवाई की और उसको लेकर केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर की प्रतिक्रिया आई उससे पाकिस्तान आग बबूला हो गया है।
पाकिस्तान ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि भारत हमें म्यांमार नहीं समझे और म्यांमार जैसी गलती न करे। पाकिस्तान के गृहमंत्री निसार अली खान ने भारत को चेताते हुए ये बातें कही हैं।
पाकिस्तानी गृहमंत्री ने कहा है कि पाकिस्तान की सेना पूरी तरह से तैयार है। वह किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दे सकती है। इसलिए भारत कभी भी पाकिस्तान में म्यांमार जैसी कार्रवाई करने की भूल नहीं करे। अगर भारत ऐसी गलती करता है तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं।
म्यांमार ऑपरेशन पर उच्चस्तरीय बैठक
पाक सेनाध्यक्ष राहील शरीफ ने कहा कि किसी को भी पाक पर बुरी नजर डालने की हिमाकत नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत की ओर से बयानबाजी हो रही है उसे पाकिस्तान ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने भारतीय नेताओं के म्यांमार में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद से धड़ाधड़ बयान देने पर अफसोस भी जताया।
दरअसल पाकिस्तान का यह बयान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि म्यांमार की कार्रवाई दूसरे देशों के लिए एक संदेश है। राठौर के बयान को एक तरह से पाकिस्तान के खिलाफ चेतावनी माना जा रहा था।
इस बीच म्यांमार में भारतीय कार्रवाई पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि इससे भारतीय सेना की छवि बदली है। जिस तरह से उग्रवाद के खिलाफ ये लड़ाई लड़ी गई इससे मानसिकता में परिवर्तन आया है। भारत का ये कदम अपने आप में खास है।
वहीं म्यांमार ऑपरेशन के बाद के हालात को लेकर गृहमंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक की है। इस बैठक में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, आईबी और रॉ के प्रमुख शामिल हुए।
म्यांमार सरकार का कार्रवाई से इंकार
इस सबके बीच म्यांमार में घुसकर उग्रवादियों पर की गई भारतीय कार्रवाई का वहां की सरकार ने खंडन किया है। म्यांमार सरकार की ओर से कहा है कि भारतीय सुरक्षा बलों ने अपनी सीमा में उग्रवादियों पर हमला किया था।
साथ ही उसने यह भी कहा कि वह इसे बर्दास्त नहीं करेगा कि उग्रवादी गुट उसकी जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों में हमला करने के लिए करें।
फेसबुक पर एक पोस्ट में म्यांमार के राष्ट्रपति कार्यालय के निदेशक ने कहा है कि इलाके में मौजूद म्यांमार की सेना से मिली जानकारी के मुताबिक सैन्य ऑपरेशन को भारत-म्यांमार सीमा के उस पार भारतीय क्षेत्र में अंजाम दिया गया।
इसमें यह भी कहा गया है कि म्यांमार वैसे किसी भी विदेशी को स्वीकार नहीं करेगा जो उल्टे पड़ोसी देश पर हमला करें और उसकी जमीन का इस्तेमाल परेशानी खड़ा करने के लिए करें।
म्यांमार के जंगलों में जारी रहेगी कार्रवाई
म्यांमार का यह आधिकारिक बयान उस समय आया है जब भारत के मंत्री यह कह रहे हैं कि उग्रवादियों के कैंप नष्ट करने के लिए सेना में म्यांमार की सीमा में घुसकर ऑपरेशन को अंजाम दिया।
हालांकि भारत-म्यांमार सीमा पर पूर्वोत्तर के उग्रवादियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई जारी रहेगी। मंगलवार तड़के म्यांमार सीमा के भीतर किए गए ऑपरेशन में मिली जबरदस्त सफलता के बाद नई कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है।
सेना को सरकार की ओर से म्यांमार के जंगलों में छिपे सभी भारत विरोधी संगठनों के कैंपों को नेस्तनाबूद करने की खुली छूट दे दी गई है।
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार सीमा के भीतर सामरिक लिहाज से अतिसंवेदनशील ठिकानों पर उग्रवादियों के 61 बड़े कैंप हैं। इसके लिए म्यांमार सरकार से नए सिरे से बातचीत की जा रही है, ताकि सेना उग्रवादियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई को अंजाम दे सके।
डोभाल जा सकते हैं म्यांमार
जंगलों में म्यांमार सेना के साथ साझा कार्रवाई पर बातचीत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जल्द पड़ोसी देश जाएंगे। अजीत डोभाल और सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह अंजाम पर पहुंचने तक पूरी कार्रवाई का साझा संचालन करेंगे। इनके निशाने पर अलग-अलग उग्रवादी संगठनों के एसएस खापलांग और परेश बरुआ जैसे नेता भी हैं।
सेना के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक मंगलवार तड़के करीब तीन बजे शुरू किया गया ऑपरेशन करीब 45 मिनट तक चला था। जोरहाट स्थित 21 पारा स्पेशल फोर्स रेजिमेंट के सधे हुए कमांडो ने दो अलग-अलग कैंपों पर एक साथ ऐसा हमला बोला कि उग्रवादियों की ओर से एक भी गोली नहीं चल सकी।
सेना का आकलन है कि इस हमले में सौ से भी ज्यादा उग्रवादी मारे गए हैं। हालांकि, अब तक करीब 40 के मारे जाने की ही पुष्टि हुई है। सूत्रों के मुताबिक हमले के वक्त दोनों कैंपों में करीब 150 उग्रवादी थे। इस हमले में घायल छह उग्रवादियों को म्यांमार के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डोभाल और विदेश मंत्रालय के स्तर पर इनसे पूछताछ की भी व्यवस्था की जा रही है।