व्यापमं घोटालाः उमा ने कहा, मेरे लोगों की जान पर भी खतरा
व्यापमं घोटाला मामले के तूल पकड़ने के बाद मुश्किलों में घिरे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की परेशानी केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने बढ़ा दी है।
व्यापमं घोटाले की जांच से जुड़े लोगों की संदिग्ध मौतों पर न केवल उमा ने चिंता जताई बल्कि यह भी कहा कि उन्हें इस मामले में अपने लोगों की जान जाने का भी डर सता रहा है।
उन्होंने कहा कि मौतों पर मध्य प्रदेश में अफरातफरी का माहौल है। ऐसे में उन्हें इस जांच से जुड़े अपने लोगों की जान जाने का भी डर सता रहा है। इस दौरान इशारों इशारों में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए उमा ने कहा कि इस मामले का खुलासा होने के बाद सीबीआई की जांच का सुझाव देने वाली वह पहली राजनीतिज्ञ थीं।
उन्होंने अपनी इस चिंता से मुख्यमंत्री शिवराज को अवगत कराने का भी दावा किया। जाहिर है कि उमा ने अपनों की जान की चिंता का इजहार कर मुख्यमंत्री शिवराज की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
इससे पहले रविवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस मामले की निष्पक्ष जांच का सुझाव दिया था, मगर सोमवार को गृह मंत्री ने इस मांग को खारिज करते हुए पूरे मामले में जांच करने का फैसला सुप्रीम कोर्ट पर छोड़ दिया।
उमा ने बताया बड़ी साजिश
उमा ने मीडिया से और फिर एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि जिस प्रकार से व्यापमं मामले की जांच से जुड़े और इसके घेरे में आए लोगों की रहस्यमय मौतें हो रही हैं, उससे मध्य प्रदेश में अफरातफरी का माहौल है।
उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि उन्हें इस मामले में जुड़े अपने लोगों के जीवन की भी चिंता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले में उन्हें किसी बड़ी साजिश का भी अंदेशा है।
उन्होंने अपनी चिंता से मुख्यमंत्री को अवगत कराने की बात कही और सुझाव दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच का कोई रास्ता तलाशा जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली के उस बयान की ओर भी ध्यान दिलाया जिसमें उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की वकालत की थी।