जानिए क्या सोच है पहली ट्रांसजेंडर प्रिंसिपल की?
मानवी बनर्जी देश की पहली ट्रांसजेंडर (किन्नर) प्रिंसिपल बनी हैं। उन्हें पश्चिम बंगाल में एक महिला कॉलेज की प्रिंसिपल चुना गया है। बनर्जी कहती हैं कि ट्रांसजेंडर भी आम इंसानों की तरह ही हैं, लेकिन हमारे समाज में इस तबके को इज्जत की निगाह से नहीं देखा जाता।
ऐसे में मेरी उपलब्धि देश में ट्रांसजेंडर आंदोलन का अहम पड़ाव है। वह अगले महीने नदिया जिले के कृष्णनगर वुमेंस कॉलेज में अपना कार्यभार संभालेंगी। वह बताती हैं कि उनकी पहली प्राथमिकता कॉलेज की ढांचागत कमियों को दूर करना है।
मानवी फिलहाल पश्चिम मेदिनीपुर के एक कॉलेज में पढ़ाती हैं। मानवी कहती हैं कि मेरी पहली प्राथमिकता कॉलेज की छात्राएं हैं। वह उनको बेहतर शिक्षा देना चाहती है। इसके साथ ही वह उम्मीद जताती हैं कि उनकी उपलब्धि से ट्रांसजेंडर समुदाय के
बदलना होगा लोगों को नजरिया
मानवी का जन्म एक लड़के के रूप में हुआ थाउनका नाम सोमनाथ था, लेकिन उनके हाव-भाव और आदतें लड़कियों वाली थी। मन और शारीरिक गुणों के बीच तालमेल बिठाने के लिए करीब 12 साल बाद उन्होंने लिंग परिवर्तन करवाया। इस तरह 2013 में वह सोमनाथ से मानवी बन गईं।
वह कहती हैं कि ट्रासंजेडरों को समाज में उनका वाजिब स्थान दिलाने के लिए समाज के नजरिये में बदलाव जरूरी है। मानवी मानती हैं कि किन्नर तबके के समक्ष काफी समस्याएं हैं। अभी उनके विकास के लिए काफी कुछ करना बाकी है।
वह कहती हैं कि पहले लोगों का नजरिया बदलना होगा । इसके साथ ही किन्नरों के प्रति उनके माता-पिता और समाज के रवैये में बदलाव जरूरी है। उसके बाद ही उनमें से कोई दूसरी मानवी सामने आ सकती है।