'सियासी लाभ के लिए करवाया गया दंगा'
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मुस्लिम संगठनों के सबसे बड़े मंच ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ए मुशावरत (एआईएमएमएम) ने मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
मंच की सेंट्रल वर्किंग कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पारित कर कहा गया है कि दोषी दलों पर प्रतिबंध और दोषी नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक लगानी चाहिए।
प्रस्ताव में अल्पसंख्यक इलाकों में स्थायी पुलिस सुरक्षा इंतजाम किए जाने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग भी की गई है।
ऐसे परिवार जो पुरानी जगहों पर नहीं जाना चाहते, उनके लिए दूसरी जगह पुनर्वास के प्रबंध करने की मांग भी की गई।
एआईएमएमएम के अध्यक्ष डॉ जफरुल इस्लाम ने बताया कि सेंट्रल वर्किंग कमेटी की इस साल की दूसरी बैठक में मुजफ्फरनगर दंगे पर विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि दंगे के बाद अब राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए दस्तावेज तैयार करने की जरूरत है। क्योंकि कई ऐसे भी परिवार हैं जो राहत शिविरों के बजाए रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।
उन्होंने कहा कि दंगों में शामिल दलों की न केवल मान्यता खत्म हो और दंगा भड़काने में शामिल नेताओं के चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए।
प्रस्ताव में दंगे को सुनियोजित बताते हुए कहा गया है कि ऐसा चुनावी लाभ हासिल करने के लिए किया गया। सेंट्रल कमेटी की बैठक में सीरिया और बांग्लादेश के युद्ध अपराधियों की सजा पर भी चर्चा।