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'20 हजार से ज्यादा दंगा पीड़ित लौटे अपने घर'

Fri, 27 Sep 2013 02:07 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 27 Sep 2013 02:07 AM IST
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muzaffarnagar riots centre up explanation to supreme court

मुजफ्फरनगर दंगा मामले में बचाव और राहत कार्य को लेकर उठाए गए कदमों पर यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि हिंसाग्रस्त क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद बीस हजार से भी ज्यादा लोग अपने घर लौट गए हैं।

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वहीं केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की मांग पर दी गई सहायता की जानकारी अदालत को दी। सर्वोच्च अदालत ने मोहम्मद हारुन की ओर से दायर याचिका पर केंद्र से जवाब तलब किया था।
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चीफ जस्टिस पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष केंद्र की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल जीई वाहनवती ने हलफनामा पेश किया।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार की रिपोर्ट पर 24 सितंबर को मुजफ्फरनगर समेत अन्य जिलों में साफ-सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था की।

वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने चिकित्सा, खाद्य मुहैया कराने का बीड़ा अपनी ओर से उठाया। साथ ही जिलाधिकारी, मुजफ्फरनगर के प्रस्ताव पर दो बच्चों को 27 हजार की आर्थिक मदद दी गई है।
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अगले दिन 25 सितंबर को गृह सचिव ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा, जिसमें किसी भी प्रकार की सहायता के लिए तत्काल संकेत देने को कहा गया।

वहीं, यूपी सरकार की ओर से पेश हुए अधिवक्ता रवि प्रकाश मेहरोत्रा ने रिपोर्ट पेश की।

वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने पीठ को सूचित किया कि राज्य सरकार की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में विस्थापित हुए परिवार राहत कैंपों में रह रहे हैं।

मुजफ्फरनगर के 41 कैंपों में 27,198 और शामली के 17 कैंपों में 23,757 लोग हैं। जबकि 8381 लोग मुजफ्फरनगर के कैंपों से प्रशासन की ओर से किए गए सद्भाव के प्रयासों के बाद अपने गांव लौट गए हैं।

वहीं शामली में अपने घर लौटने वालों की संख्या 12422 है। कुल 58 में से 8 कैंप के लोग अपने घर लौट चुके हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से कराए गए सर्वेक्षण के बाद ज्यादातर राहत कैंपों में नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। खाद्य, चिकित्सा समेत अन्य आपूर्तियों को तेज किया गया है।

हिंसा की घटनाओं में मुजफ्फरनगर में 32 लोगों की मौत हुई है। जबकि 16 लोग गंभीर और 25 लोग मामूली रूप से घायल हुए। सभी को सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा दिया गया है।


धवन ने पीठ को बताया कि 15 लोगों की शामली में मौत हुई। इनमें से 3 शवों की पहचान नहीं हो सकी है। यहां गंभीर रूप से घायल 8 और मामूली रूप से घायल 16 लोगों को भी मुआवजा दिया गया है।

वहीं सहारनपुर में दो लोगों की मौत हुई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

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