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मूर्ति विसर्जन पर हंगामे के बीच मुसलमानों ने पेश की मिसाल

Sat, 10 Oct 2015 08:57 AM IST
Updated Sat, 10 Oct 2015 08:57 AM IST
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muslims offered example about idol immersion

गंगा में मूर्ति विसर्जन के लिए अड़े संतों को मनाने में लगे जिला प्रशासन के लिए राहत भरी खबर है। आदमपुर क्षेत्र के 11 ताजियादारों ने प्रशासन को लिखकर दिया है कि अबकी वे गंगा की बजाय कर्बला में ताजिया ठंडा करेंगे।

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शुक्रवार को आदमपुर थाने पर हुई बैठक में ताजिया समिति की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र नाथ शुक्ल को लिखित आश्वासन मिला। शहर के प्रबुद्धजनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि संत समाज को भी गंगा की निर्मलता और हाईकोर्ट के निर्णय का सम्मान करते हुए विसर्जन के दूसरे विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए।
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उधर, गोदौलिया बवाल के मामले में पुलिस ने जीप फूंकने वाले आरोपी को पकड़ लिया है। अब तक 59 उपद्रवी सलाखों के पीछे जा चुके हैं। उधर, गंगा में प्रतिमा विसर्जन के मसले पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में पक्षकार बनने के लिए अर्जी लगाई।

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काशी में कैसे हैं अब हालात

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वहीं, वॉट्सएप पर विसर्जन मामले में हाईकोर्ट से तीन साल की राहत मिलने की खबर भी देर शाम से उड़ती रही। विधायक अजय राय की गिरफ्तारी से नाराज कांग्रेसजनों ने शुक्रवार को चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया।

शाम को एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने लंका पर प्रतिकार पदयात्रा निकाली। इस बीच सार्वजनिक दुर्गोत्सव पूजा समिति ने कोर्ट से राहत न मिलने की स्थिति में मूर्ति स्थापना न करके कलश पूजन करने की बात कही है। समिति ने कहा कि धातु की प्रतिमा पंडाल में बैठाई जाएगी, जिसका गंगा में प्रतीक विसर्जन होगा।

दूसरों को भी करेंगे जागरूक
आदमपुर थाने पर हुई बैठक में शामिल रहे मोहम्मद अब्दुल कयूम, अब्दुल हसन, मोहम्मद हुसैन, हसन अब्बास, वकार जहीर, मोहम्मद अयूब, लियाकत अली, ताकिर हुसैन, फैसाज अली, रियाज हुसैन, मोहम्मद जहीर ने बताया कि लकड़ी और कागज से ताजिया का निर्माण करते हैं।

पहले इन ताजियों को गंगा में ले जाते थे। हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए इस बार हम लोग अपने ताजिया को गंगा में नहीं ले जाएंगे। इन ताजियों को लाट सरैयां स्थित कर्बला में ठंडा करेंगे। इसके अलावा और अन्य जगहों पर जो लोग ताजियों को गंगा में ठंडा करते थे, उन्हें भी जागरूक करेंगे।

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