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'सपा को जिताकर खामियाजा भुगत रहे मुसलमान'
कानपुर/ब्यूरो
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:20 PM IST
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शाही मसजिद के इमाम मौलाना सैयद अहमद बुखारी ने अखिलेश सरकार और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि अभी तक अखिलेश सरकार ने मुसलमानों के लिए ऐसा कुछ नहीं किया, जिसकी तारीफ की जा सके।
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उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह से लिखित समझौता हुआ था कि बेगुनाह मुसलमानों पर लगे मुकदमे वापस होंगे, लेकिन सिर्फ नेताओं पर से मुकदमे वापस लिए जा रहे हैं। सपा को हुकूमत देकर मुसलिम अब खामियाजा भुगत रहे हैं। लोकसभा चुनाव में वादों पर नहीं, काम की बुनियाद पर फैसला लेंगे। उन्होंने अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के पीछे आरएसएस और इजरायल का हाथ बताया।
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बुखारी तीन दिन तक शहर में रहे लेकिन मीडिया से बचते रहे। गुरुवार सुबह बुखारी होटल लैंडमार्क में पत्रकारों से बात करने को राजी हो गए। यहां वे बोले कि जिन्हें कुरसी दी है, वही जुल्म-सितम कर रहे हैं। प्रशासन पर हुकूमत का कंट्रोल हो गया है। प्रदेश में 9 जगह फसाद हुए, लेकिन न मुख्यमंत्री और न कोई मंत्री मौके पर गया।
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फैजाबाद के दंगे की वीडियो क्लीपिंग भी प्रशासन के पास हैं। इसमें पुलिसवाले आग लगाते दिखाए गए, फिर भी मुसलमानों को गिरफ्तार किया जा रहा है। केंद्र और प्रदेश में मुसलिम मंत्रियों की भरमार है, लेकिन वे मिल्लत के बजाए अपना फायदा देख रहे हैं। फिरकापरस्ती भ्रष्टाचार से अधिक खतरनाक है।
शहर के काजी मौलाना आलम रजा खां नूरी के पूछने पर कि क्या सियासी सरगर्मियां हैं? बुखारी फट पड़े, बोले कि यूपी सरकार ने कोई नुमायां काम नहीं किया। हम एकजुट हों तभी कुछ करेंगे। उनकी सपा मुखिया से बात हुई तो कहा था कि मुसलमानों के लिए कुछ कीजिए। यह भी कहा कि हम सरकार बनाना जानते हैं तो बिगाड़ना भी जानते हैं। भाजपा का हौव्वा दिखाकर कांग्रेस अपना उल्लू सीधा करना चाहती है।
बुखारी ने कहा कि मुसलिमों की जब तक अपनी सियासी ताकत नहीं होगी, मसले हल नहीं होंगे। एकजुट होकर कार्ययोजना तैयार करें और हुकूमत पर दबाव बनाएं। सिखों, दलितों ने पार्टी बनाई तो उन्हें फायदा मिला।