फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Muslim Personal Law Board will come against modi govt

मोदी सरकार के खिलाफ उतरेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

Sat, 22 Aug 2015 11:05 AM IST
Updated Sat, 22 Aug 2015 11:05 AM IST
विज्ञापन
 Muslim Personal Law Board will come against modi govt

योग और शिक्षा का भगवाकरण के खिलाफ मोदी सरकार से जुबानी जंग छेड़ चुका मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अब खुले में दो दो हाथ करने की तैयारी कर ली है।

विज्ञापन


देश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव सहित अन्य मामलों में मोदी सरकार को घेरने के लिए बोर्ड ने दलित, बौद्घ और इसाई संगठनों के साथ मिल कर देश भर में संविधान बचाओ अभियान छेड़ने की घोषणा की है।
विज्ञापन


विभिन्न संगठनों के साथ कई दौर की वार्ता और बैठकों के बाद बोर्ड ने दक्षिण भारत के लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने की भी मांग की है।

जाहिर की चिंता

 Muslim Personal Law Board will come against modi govt

खासबात यह है कि इस अभियान में बोर्ड को संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर के प्रपौत्र राजरत्न अंबेडकर, लिंगायत धर्मगुरू जय मृत्युंजय, फादर जॉन दयाल सहित कई अन्य हस्तियों का साथ मिला है।

इन हस्तियों ने मोदी सरकार पर अल्पसंख्यकों के धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। इसके अलावा इन धर्मों के धार्मिक स्थलों पर बढ़ रहे हमलों पर गंभीर चिंता जाहिर की।

प्रेस क्लब में बोर्ड के महासचिव मौलाना मोहम्मद वली रहमानी और कमाल फारुकी ने कहा कि बीते सवा साल की घटनाओं से अल्पसंख्यकों और दलितों में बेचैनी है।

अंबेडकर के परपौत्र भई मैदान में

 Muslim Personal Law Board will come against modi govt

कई राज्यों में पाठ्यक्रमों में गीता को शामिल किया गया है तो योग के बहाने एक धर्मविशेष को दूसरे धर्र्मों पर लादने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि भाजपा और कई हिंदूवादी संगठनों के नेता वर्ष 2020 तक देश से अल्पसंख्यकों के सफाए की बात करते हैं, मगर इस मामले में प्रधानमंत्री अपनी चुप्पी नहीं तोड़ते।

राजरत्न अंबेडकर ने कहा कि आजादी के 67 साल बाद भी संविधान की मूल भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बीते एक साल से यह सिलसिला तेज हुआ है और इस कारण दलितों और अल्पसंख्यकों की परेशानी बढ़ी है। ऐसे में बोर्ड के साथ सभी संगठन देश भर में संविधान बचाओ अभियान चलाएंगे

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed